
वाराणसी। केन्द्रीय कारागार में चल रहे दस दिवसीय रामलीला के तीसरे दिन बुधवार को फुलवारी एवं धनुष यज्ञ की लीला का शानदार मंचन किया गया। इसमें भगवान श्रीराम और सीता का पहला मिलन, धनुष यज्ञ का आयोजन और महर्षि विश्वामित्र की पूजा का दृश्य दर्शाया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ जनक वाटिका में पहुंचे, जहां महर्षि विश्वामित्र की पूजा हेतु पुष्प लेने वे आये थे। वहीं, सीता भी गौरी पूजन के लिए आयी थीं, और यह अवसर था जब सीता और राम का पहली बार आमना-सामना हुआ। दोनों के नयनों के मिलन से प्रेम का अंकुर फूट पड़ा और सीता मन ही मन श्रीराम को अपना पति स्वीकार कर लिया। इसके बाद जनक दरबार में सीता स्वयंवर का आयोजन हुआ। देश-देश के राजागण महादेव के प्रचण्ड धनुष को उठाने का प्रयास करते हैं, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो पाता। राजा जनक की चिंता बढ़ जाती है। तभी महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम आगे बढ़ते हैं और सहजता से धनुष को भंग कर देते हैं। धनुष टूटने की आवाज सुनकर परशुराम जनक दरबार पहुंचते हैं और क्रोधित होते हैं, लेकिन श्रीराम को पहचानने के बाद उनकी स्तुति करते हुए वन को प्रस्थान कर जाते हैं। परशुराम का किरदार चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक कुमार सिंह ने बहुत ही भावपूर्ण तरीके से निभाया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस दृश्य को देखकर न सिर्फ बंदीगण, बल्कि जेल के अधिकारी और अन्य दर्शक भी प्रभावित हुए। गुरुवार को होने वाली रामलीला में कैकेई कोप भवन, राम वन गमन एवं केवट मिलन के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र, चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह, जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अखिलेश कुमार मिश्र, अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, किशन सिंह वल्दिया, फार्मासिस्ट संदीप खरे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
