
प्रदर्शनी के 125 स्टालों से 9 दिन में बिक्री पहुंची 2 करोड़ के पार
वाराणसी। प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने रविवार को चौकाघाट स्थित अर्बन हॉट में उ०प्र०खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित दस दिवसीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदर्शनी में स्टॉल लगाए शिल्पियों से मिलकर उनका कुशलक्षेम पूछा तथा अच्छे खादी के परिधानों, सामग्रियों का डिस्पले एवं बिक्री करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी कुटीर उद्योग से जुड़े लोगों को अपनी सामग्री का बिक्री करने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफार्म है, तो दूसरी ओर लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रांतों एवं स्थानों पर बने वस्तुओं को प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान करता है। इससे निश्चित रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत होने में गति मिलती हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि चूंकि इस दस दिवसीय मेले का समापन सोमवार को होगा। इसलिए सोमवार को प्रदर्शनी के अंतिम दिन अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी आवश्यकतानुसार मेले में खरीद फरोख्त करें।
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि “खादी के साथ हमारी आजादी की यादें जुड़ी हुई है। खादी स्वदेशी होने के साथ ही यह बेरोजगारी भी हटाती है। कपास, रेशम, ऊन के हाथ कते सूत से भारत के हथकरघे पर बुना गया कोई भी वस्त्र खादी है, यह सर्वस्वीकृत सत्य है। खादी वस्त्र शरीर को गर्मी में ठण्डे और सर्दी में गरम रखते है, जिससे मौसम के असर से बहुत हद तक राहत मिलती है। एक समय था जब खादी को साधारण माना जाता था, लेकिन आधुनिक समय में फैशन के साथ खादी की मांग दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है, खादी को आज हर उम्र के व्यक्ति पसंद कर रहे है। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि प्रदर्शनी में अब तक कुल लगभग 2 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हो चुकी हैं। जो खादी एवं ग्रामोद्योग परिवार के लिये उत्साहवर्धक है। प्रदर्शनी में वाराणसी के साथ-साथ अन्य प्रदेशों जैसे उत्तराखण्ड विभिन्न जनपद जैसे-प्रतापगढ़, मीरजापुर, कुशीनगर, प्रयागराज आदि जनपदो की पंजीकृत इकाईयो द्वारा अपने उत्पाद की प्रचार-प्रसार एवं बिक्री हेतु 125 स्टॉल लगाये गये है। जिसमें खादी के 22 स्टॉल एवं ग्रामोद्योग के 103 स्टॉल लगाये गये है।
