
वाराणसी। दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) शाखा द्वारा मंगलवार को शाखा परिसर स्थित आईसीएआई भवन (प्रेमचंद्र नगर कॉलोनी) पांडेयपुर में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के लिए आचार संहिता, नए विज्ञापन दिशानिर्देश एवं लेखा परीक्षा के मानक विषयक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में सीए सदस्यों ने सहभागिता की। शुभारंभ शाखा अध्यक्ष सीए नीरज कुमार सिंह के स्वागत भाषण से हुआ। अध्यक्षता शाखा के वरिष्ठ सदस्य सीए आलोक शिवाजी ने की। सेमिनार के मुख्य वक्ता सीए विशाल बी. अशर ने बताया कि नए दिशानिर्देशों के तहत सीए फर्में अब अपनी वेबसाइट बना सकती हैं और गैर-सत्यापन सेवाओं के लिए विज्ञापन कर सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुश तकनीक का उपयोग केवल उन्हीं सेवाओं के प्रचार के लिए किया जा सकेगा, जो सीए प्रोफेशन के लिए अनन्य नहीं हैं। सीए सौरभ कुमार शर्मा ने कहा कि आईसीएआई द्वारा कोड ऑफ एथिक्स में संशोधन किया गया है, जिसके बाद गैर-सत्यापन सेवाओं के विज्ञापन की अनुमति दी गई है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। वहीं सीए विशाल सिंह ने ऑडिटिंग स्टैंडर्ड्स (एसए) पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि ये मानक ऑडिट प्रक्रिया की गुणवत्ता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हैं।
धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष सीए वैभव मेहरोत्रा ने किया। सेमिनार में पूर्व शाखा अध्यक्ष सीए सोमदत्त रघु, शाखा सचिव सीए विकास द्विवेदी, शिकासा अध्यक्ष सीए श्रीप्रकाश पांडेय, पूर्व अध्यक्ष सीए रवि कुमार सिंह सहित अनेक वरिष्ठ एवं सदस्य चार्टर्ड एकाउंटेंट्स उपस्थित रहे।
