विदुषी प्रमिला मिश्र की स्मृति में आयोजित समर्पण संगीत संध्या में अर्चना म्हसकर एवं अवंतिका महाराज ने भी दी प्रस्तुति

 

 

वाराणसी। रविवार को दुर्गाकुण्ड स्थित श्रीहनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में शास्त्रीय संगीत के विविध स्वरों की रसधार प्रवाहमान रही। अवसर था पण्डित शिवनाथ मिश्र संगीत अकादमी द्वारा विदुषी स्व.प्रमिला मिश्रा की पुण्यस्मृति में आयोजित समर्पण संगीत संध्या का। संध्या में जहाँ सितार और वायलिन की जुगलबंदी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रही तो तबले की थाप पर सभी वाह वाह करते नजर आये।

संध्या में प्रयागराज से आये मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रहे सितारविद प्रो. पं. साहित्य कुमार नाहर एवं दिल्ली आए आये पं. संतोष नाहर के वायलिन पर जुगलबंदी के सभी कायल रहे। उन्होंने सबसे पहले संक्षिप्त अलाप के बाद राग यमन में गत की दो बंदिश क्रमशः विलम्बित एवं द्रुत तीन ताल में प्रस्तुत किया। अंत मे राग मिश्र खमाज में पारंपरिक धुन पर जबरदस्त जुगलबंदी की तो समूचा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनके साथ प्रशांत मिश्र तबले पर संगत में रहे।

संध्या की दूसरी प्रस्तुति डॉ. अर्चना म्हसकर के शास्त्रीय गायन की रही। उन्होंने सबसे पहले राग मारू विहाग में विलंबित एक ताल की बंदिश और मध्य लय एवं द्रुत तीन ताल की बंदिश सुनाया। इसके उपरान्त उन्होंने मराठी अभंग अबीर गुलाल सुनाकर समापन किया। उनके साथ तबले पर श्रीकांत मिश्रा एवं संवादिनी पर मोहित साहनी रहे। वहीं संध्या का शुभारंभ काशी की नवोदित कलाकार अवंतिका मिश्रा महाराज के स्वतंत्र तबला वादन से हुआ।

उन्होंने सबसे पहले पंचम सवारी पंद्रह मात्रा में उसके बाद तीन ताल, गत, फर्द, टुकड़े, तिहाई और अंत मे परन के साथ विराम लिया। उनके साथ संवादिनी पर मोहित साहनी ने संगत किया।

*तीन विभूतियों को मिला प्रतिभा मिश्र रत्न सम्मान-* कार्यक्रम में संगीत के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए प्रो. साहित्य कुमार नाहर, पं. पूरण महाराज एवं पं. संतोष नाहर को पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा एवं पं. देवब्रत मिश्रा ने अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह प्रदान कर श्रीमती प्रमिला मिश्रा रत्न सम्मान से सम्मानित किया।

इसके पूर्व संगीत संध्या का शुभारंभ गणमान्यजनों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं स्व. प्रमिला मिश्र के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। अकादमी के विद्यार्थियों ने गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर डॉ. शुकदेव त्रिपाठी, पं.किशन राम डोहकर, डॉ. अत्रि भारद्वाज, प्रो. राजेश साह, कामेश्वर नाथ मिश्रा, डॉ. आर.के. ओझा, अशोक कपूर, डॉ. सुचरिता गुप्ता, प्रेम नाथ मिश्रा, विजय बहादुर सिंह, सुरेश प्रसाद पाण्डेय, संजय दुबे, आनंद किशोर मिश्र आदि विशिष्टजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संयोजन अकादमी के निदेशक पं.देवब्रत मिश्रा ने किया। संचालन प्रियंका अग्निहोत्री, स्वागत रागिनी मिश्रा, देवयानी मिश्रा एवं कृष्णा मिश्रा ने किया।

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