
वाराणसी । गणेश मंदिर परिसर मांडवी तालाब, मंडुवाडीह स्थित पंडाल में ज्योतिषाचार्य कर्मकांडी डॉक्टर अनुपम शुक्ला मुन्ना गुरु जी के सानिध्य में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन दिन बुधवार को कथा वाचिका साध्वी प्रेमलता ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पापी कंस का वध करने के लिए ही हुआ था लेकिन उससे पहले वह वासुदेव और देवकी को दर्शन देकर उनको सद्गति देना चाहते थे। क्योंकि वासुदेव और देवकी भगवान श्रीकृष्ण के बहुत बड़े भक्त थे और श्रीमद् भागवत की कथा भक्त और भगवान की ही कथा है। जब-जब भक्तों पर विपत्ति आती है और वह प्रेम और भाव से भगवान को पुकारता है तो भगवान प्रकट होकर भक्तों की रक्षा करते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन होते ही पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयघोष से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। महिला और पुरुष श्रद्धालु भक्ति गीत पर जमकर नाचे गए और मिठाइयां बाटी। कथा के अंत में जजमान राम कीरत सिंह ने भागवत पोथी की आरती उतारी।
