
वाराणसी। ग्रामीण नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अटल इनक्यूबेशन सेंटर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (एआईसी–बीएचयू) और साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट (एसआईआरडी) के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत साईं इंस्टिट्यूट को एआईसी–बीएचयू के सैटेलाइट सेंटर के रूप में जोड़ा गया है। इस साझेदारी से क्षेत्रीय स्तर पर नवाचार, अनुसंधान, ज्ञान-विनिमय तथा उभरते स्टार्टअप्स और सामाजिक उद्यमियों को एक सशक्त व संरचित मंच मिलेगा। ग्रामीण समुदाय, महिलाओं, युवाओं और नवाचारकर्ताओं को मेंटॉरशिप, प्री-इन्क्यूबेशन, इनक्यूबेशन सपोर्ट और क्षमता निर्माण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती मिलेगी। एआईसी–बीएचयू के निदेशक प्रो. एस. वी. राजीव ने कहा कि यह एमओयू विश्वविद्यालय और समाज के बीच एक मजबूत सेतु बनेगा और अकादमिक ज्ञान व नवाचार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सहायक होगा। साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय कुमार सिंह ने इसे ग्रामीण महिलाओं, युवाओं और नवाचारकर्ताओं के लिए अवसरों का द्वार बताया। एमओयू पर प्रो. एस. वी. राजीव और अजय कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में डॉ. नंदलाल, रिसर्च साइंटिस्ट प्रिया सिंह, योगाचार्या डॉ. अंजना त्रिपाठी आदि थे।
