
वाराणसी।मां सरस्वती देवी ज्ञान, विद्या और कलाओं की अधिष्ठात्री हैं। मां वाग्देवी के पूजन और उपासना से ज्ञान, विद्या और कलाओं में प्रगति, निपुणता होती है। हमें सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस पर्व से ऋतु परिवर्तन का भी संदेश प्राप्त होता है।
उक्त विचार संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने शुक्रवार को वाग्देवी मन्दिर परिसर में बसन्त पंचमी पर्व पर पूजन करते हुए व्यक्त किया।
कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि आज यह पूजन वैदिक परम्परा के साथ विश्वविद्यालय सर्वविध ,राष्ट्र अभ्युदय के लिए हर्षोल्लास के साथ आचार्यों एवं विद्यार्थियों के साथ मनाया जा रहा है। जो कि ऋतु परिवर्तन, विद्या, ज्ञान, कला की देवी की पूजा के लिए जाना जाता है।
इस महापर्व पर मां सरस्वती की विशेष पूजा करने का विधान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। यह पर्व विद्या की देवी के साधकों यानि विद्यार्थियों, विद्वानों, कलाकारों आदि के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। शास्त्रों में इसे श्रेष्ठ तिथि कहा गया है।
कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि बसंत पंचमी पर्व के आते ही खेतों में सरसों, गेहूं आदि फसलें लहलहाने लगती हैं। इस दौरान प्रकृति में नवजीवन, उल्लास और सौंदर्य का संचार होता है। हिंदू धर्म में पीला रंग फिर चाहे हल्दी का हो या फिर सरसों का, उसे बसंत का प्रतीक माना जाता है यह रंग विद्या की देवी मां सरस्वती को भी बहुत प्रिय है।
संयोजक एवं वेद विभागाध्यक्ष, संकाय प्रमुख तथा वाग्देवी मन्दिर के प्रबन्धक प्रो महेन्द्र पांडेय ने बताया कि यह परिसर मां सरस्वती जी से सिंचित और भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं भारतीयता की देवी मां भारती का है यहां से संपूर्ण देश ही नहीं अपितु देश के बाहर भी मां भारती का पताका लहरा रहा है।
परिसर स्थित मां वाग्देवी का वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ विधि पूर्वक पूजन किया गया।
मन्दिर परिसर में प्रात: से ही मां शारदा के श्लोकों के साथ संगीत विभाग के वाद्य यंत्र के साथ डॉ श्रुति सारस्वत उपाध्याय एवं विद्यार्थियों के द्वारा सुंदर भजन, कीर्तन करके संपूर्ण वातावरण को संगीतमय बना दिया।
उक्त अवसर पर प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. हेतराम कच्छवाह, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, डॉ. विशाखा शुक्ला, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार सहित विद्यार्थियों आदि ने सहभाग किया।
