
वाराणसी ।ऐतिहासिक अस्सी घाट, वाराणसी में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना कैंप के तहत एक नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी इकाई: ए वसंत कन्या महाविद्यालय, कमछा, वाराणसी की डॉ. शशि प्रभा कश्यप के कुशल मार्गदर्शन और देखरेख में आयोजित किया गया था।जिसका उद्देश्य नशे के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना और नशामुक्त समाज को बढ़ावा देना था।
डॉ. कश्यप ने स्वयं सेविकाओं और आम जनता को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका और जमीनी स्तर पर नशे की लत से लड़ने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने स्वयंसेविकाओं को ज़िम्मेदार नागरिक बनने और इस जागरूकता को अपने परिवारों, और समुदायों में फैलाकर नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों का समर्थन करके बदलाव के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस कैंप में राष्ट्रीय सेवा योजना के 100 स्वयंसेविकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अस्सी घाट पर आम जनता और आगंतुकों के बीच जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेविकाओं ने नुक्कड़ नाटक, नारे लगाना, पोस्टर दिखाना, लोगों से बातचीत करना, जागरूकता संदेश बांटना और रैली जैसी कई जागरूकता गतिविधियाँ कीं, जिनसे नशे की लत के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परिणामों पर प्रकाश डाला गया।
स्वयंसेविकाओं ने घाट पर लोगों से आमने-सामने बातचीत भी की, उन्हें नशीली चीज़ों से दूर रहने और हेल्दी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। “नशीली दवाओं को ना कहें”, जन “जन में यही संदेश नशा मुक्त हो अपना देश” और “स्वस्थ युवा, मजबूत राष्ट्र” जैसे अन्य असरदार नारों के ज़रिए नशा मुक्ति का मैसेज दिया गया।
कार्यक्रम का समापन स्वयं सेविकाओं और उपस्थित लोगों द्वारा नशामुक्त रहने और एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ।
