वाराणसी।राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत गुरुवार को चिरईगांव ब्लॉक के बच्चों हेतु आयोजित इस विशेष ‘एक्सपोजर विजिट’ का भव्य शुभारंभ खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह जी ने किया। उनके द्वारा इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही बच्चों का यह ज्ञानवर्धक और आनंदमयी सफर शुरू हुआ।

यह यात्रा ​बीआरसी से बीएलडब्ल्यू. तक का रहा।

इस ‘आनंद यात्रा’ का शुभारंभ ब्लॉक संसाधन केंद्र चिरईगांव से हुआ। बस में बच्चे और शिक्षक उत्साहपूर्वक बनारस लोकोमोटिव वर्क्स पहुंचे। बच्चों ने न केवल आधुनिक इंजीनियरिंग को देखा, बल्कि पूरे एक्सपोजर विजिट का भरपूर आनंद लिया।

भ्रमण विज्ञान एआरपी श्रीमती रश्मि त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित रहा। श्रीमती रश्मि त्रिपाठी की टीम में पीएलसी सदस्य व पूर्व एआरपी डा मनीष कुमार कुशवाहा जी और आलोक मौर्या रहे ।

बच्चों के उत्साह वर्धन में सर्वश्री कमलेश जी,शशिकांत जी, श्रीमती अर्चना सिंह, श्रीमती अल्का श्रीवास्तव, प्रिया नारायणी श्रीवास्तव का योगदान रहा।

बी.एल.डब्ल्यू. में सीनियर सेक्शन इंजीनियर श्री धर्मराज वर्मा जी ने बच्चों के लिए एक विशेष सत्र हुआ।

उन्होंने बच्चों को बीएलडब्ल्यू के इतिहास और रेल इंजन निर्माण की जटिल प्रक्रिया पर आधारित एक विशेष शॉर्ट मूवी दिखाई।​मूवी के बाद बच्चों की जिज्ञासाओं को बड़े ही प्रभावी ढंग से शांत किया। बच्चों ने उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जैसे:​”पहला इंजन कैसे और क्यों बना?”​”इंजन का वजन कितना होता है और इसे कैसे ट्रांसपोर्ट किया जाता है?”​”भारत किन देशों को इंजन निर्यात करता है और इसमें कितनी लागत आती है?”

​इंजीनियर साहब ने इन सभी तकनीकी पहलुओं को बच्चों को अत्यंत सरल भाषा में समझाया, जिससे बच्चे बहुत प्रभावित हुए।

एआरपी रश्मि त्रिपाठी मैम ने बच्चों की इस सीखने की प्रक्रिया और उनके द्वारा पूछे गए गहन प्रश्नों की सराहना की।

​सामूहिक भोज और आत्मीयता:

भ्रमण के दौरान बच्चों के खान-पान का भी विशेष प्रबंध रहा।

यात्रा के अंत में रश्मि त्रिपाठी ने बच्चों को अपनी इस पूरी यात्रा के अनुभव और मुख्य बिंदुओं को ‘यात्रा वृतांत’ के रूप में संजोने को कहा। उन्होंने बताया की कि श्रेष्ठ यात्रा वृतांत लिखने वाले छात्र को विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा।तथा श्रीमती अर्चना सिंह mam ने श्रेष्ठ रचना को बच्चों की पत्रिका उमंग में भी स्थान दिलाने का आश्वासन दिया।

​श्रीमती प्रीति सिंह जी की प्रेरणा और समस्त टीम के सहयोग से यह भ्रमण बच्चों के लिए शिक्षा और आनंद का एक अद्भुत संगम साबित हुआ।

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को विज्ञान, तकनीक और इंजीनियरिंग की आधुनिक कार्यप्रणाली से रूबरू कराना था। बच्चों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रही। इस भ्रमण ने बच्चों के मन में विज्ञान के प्रति एक नई सोच और उत्साह का संचार किया है।

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