
वाराणसी। पंचकोशी मार्ग भोजूबीर स्थित दक्षिण मुखी दक्षिणेश्वरी कालीजी मंदिर में अधिवक्ताओं ने वीरता और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने मंदिर परिसर में एकत्र होकर शिवाजी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया और “जय भवानी, जय शिवाजी” तथा “छत्रपति शिवाजी महाराज अमर रहें” के गगनभेदी नारे लगाए।
कार्यक्रम का नेतृत्व बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने किया। अधिवक्ता हाथों में शिवाजी महाराज की तस्वीरें लेकर सायं लगभग पौने पांच बजे मंदिर पहुंचे, जहां मंदिर के प्रमुख महंत राजेश गिरी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने मंदिर में स्थापित दक्षिण मुखी कालीजी की प्रतिमा का विधिवत दर्शन-पूजन किया। मुख्य वक्ता नित्यानंद राय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए काशी आए थे। श्राद्ध कर्म संपन्न करने के उपरांत उन्होंने पंचकोशी यात्रा भी की थी। उनके पुरोहितों ने उन्हें दक्षिण दिशा की यात्रा से पूर्व दक्षिणमुखी कालीजी की प्रतिमा स्थापित करने का परामर्श दिया था। पुरोहितों की सलाह का पालन करते हुए शिवाजी महाराज ने पंचकोशी मार्ग भोजुबीर पर दक्षिणमुखी कालीजी की प्रतिमा स्थापित कराई, जो आज दक्षिणेश्वरी कालीजी मंदिर के नाम से विख्यात है।
इस अवसर पर सेंट्रल बार के पूर्व महामंत्री सुरेंद्र पांडेय, गौतम झा, विनोद पांडेय (भैयाजी), अमित तिवारी, विवेक सिंह, विपिन शर्मा, संजय पांडेय, राधेश्याम शर्मा, उदयनाथ शर्मा, धीरेन्द्र श्रीवास्तव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
