
वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत ईज़ी हेल्प के ‘पुष्प पुनर्चक्रण’ केंद्र पर आज सनबीम लहरतारा के 35 उत्साही छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों ने फूलों के पुनर्चक्रण की पूरी प्रक्रिया को न केवल समझा, बल्कि स्वयं अपने हाथों से धूप और अगरबत्ती बनाने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया। भ्रमण के दौरान छात्रों की जिज्ञासा और सीखने की ललक विशेष रूप से देखने को मिली। बच्चों ने प्रोजेक्ट के उद्देश्य, इसकी मार्केटिंग रणनीति तथा इससे उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसरों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। अंत में सभी छात्रों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने यह वादा किया कि वे फूलों को कचरे में फेंकने से रोकेंगे और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएंगे। इस अवसर पर ईज़ी हेल्प टीम ने कहा कि नई पीढ़ी का यह उत्साह और जागरूकता उन्हें अपने कार्य के प्रति और अधिक प्रतिबद्ध बनाती है। उन्होंने सनबीम लहरतारा के शिक्षकों एवं छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
