
शिक्षा के साथ समाजसेवा ही सच्ची साधना:-कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा।
वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की अध्यक्षता एवं निर्देशन में गुजरात स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय, रामनगर में क्षय (टीबी) रोगियों के लिए दवा, फल एवं पोषण सामग्री वितरण तथा स्वास्थ्य देखभाल का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संवाहक है। क्षय रोगियों की सेवा कर हम न केवल मानवता का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि समाज में संवेदना और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ कर रहे हैं।
उन्होंने इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने पर बल दिया।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा ने बताया कि “गुजरात स्थापना दिवस को सेवा और समर्पण के भाव से मनाते हुए विश्वविद्यालय द्वारा क्षय रोगियों को दवा, फल एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिल सके।”
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य रोगियों में सकारात्मकता एवं आत्मबल का संचार करना है।
कार्यक्रम में चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. गिरीशचंद्र द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उन्होंने विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोगात्मक कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
विश्वविद्यालय द्वारा नामित समिति के सदस्यों ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर क्षय रोगियों को दवाइयां, फल एवं आवश्यक पोषण सामग्री वितरित की तथा उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान रोगियों एवं उनके परिजनों में संतोष एवं प्रसन्नता का वातावरण देखा गया।
यह कार्यक्रम सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा-भाव और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिसने गुजरात स्थापना दिवस को एक नई सार्थक दिशा प्रदान की।
