वाराणसी। दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आप इंडिया (भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान) की वाराणसी शाखा द्वारा शनिवार को होटल बालाजी पैलेस, महमूरगंज में “जीएसटी” विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे प्रारंभ हुआ, जिसमें कर विशेषज्ञों एवं सदस्यों ने भाग लिया।

 

सेमिनार में मुख्य रूप से दो विषयों पर चर्चा की गई:

 

आयकर अधिनियम 2025 एवं आयकर नियमों में बदलाव और उनका प्रभाव।

जीएसटी ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करने में आने वाली समस्याएं एवं उनके समाधान।

अध्यक्षता शाखा की वरिष्ठ सदस्य सीए रश्मि केसरवानी एवं पूर्व अध्यक्ष सीए संजय ओझा ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम का संचालन सीए तन्वी सिंह एवं सीए दिव्य भरद्वाज ने किया।

प्रथम सत्र की मुख्य वक्ता सीए प्रेरणा किशोर पेशोरी ने बताया कि नया आयकर अधिनियम 2025 आगामी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो वर्ष 1961 के 65 वर्ष पुराने कानून का स्थान लेगा। उन्होंने कहा कि नए अधिनियम में कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इसकी भाषा एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। अब करदाताओं को अपने डेटा संग्रहण एवं क्लाउड उपयोग से संबंधित विवरण भी उपलब्ध कराने होंगे। साथ ही कुछ करमुक्त भत्तों की सीमा में भी वृद्धि की गई है।

द्वितीय सत्र के वक्ता सीए गौरव गुप्ता ने जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि GSTAT, जीएसटी के तहत द्वितीय स्तर की अपीलीय प्राधिकरण है। आयुक्त अपील के बाद मामलों की सुनवाई GSTAT में होती है तथा इसके बाद उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है। उन्होंने अपील दाखिल करने में आने वाली प्रक्रियात्मक एवं व्यावहारिक समस्याओं तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के अंत में शाखा सचिव सीए रंजीत कुमार पांडेय एवं कोषाध्यक्ष सीए नमन कपूर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर शाखा उपाध्यक्ष सीए विकास द्विवेदी, सिकासा अध्यक्ष सीए नमन कपूर, कार्यकारिणी सदस्य सीए श्रीप्रकाश पांडेय, पूर्व अध्यक्ष सीए नीरज कुमार सिंह सहित काफी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

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