योग सप्ताह के तीसरे दिन आयुष मंत्री ने किया सामूहिक योगाभ्यास, पदयात्रा एवं वृक्षारोपण

“योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का माध्यम है” — डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

 

वाराणसी। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित योग सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, वाराणसी में योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला।

उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया, औषधीय पौधों का रोपण किया तथा विशाल योग जनजागरूकता पदयात्रा का नेतृत्व किया।

प्रातः सात बजे महाविद्यालय परिसर में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में आयुष मंत्री ने चिकित्सकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। योगाभ्यास के दौरान उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए लोगों से इसे दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।

योगाभ्यास के उपरांत आयुष मंत्री ने महाविद्यालय परिसर में औषधीय पौधों का रोपण किया।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। औषधीय पौधों का संरक्षण न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन देने के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।

अपने संबोधन में डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरा विश्व सम्मान और उत्साह के साथ अपना रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘योग’ शब्द का अर्थ ही जोड़ना है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक प्रक्रिया है। योग व्यक्ति को मानसिक शांति, शारीरिक ऊर्जा और सकारात्मक सोच प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनिया के अनेक देशों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट योग करने का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है और योग स्वस्थ, संतुलित तथा सकारात्मक जीवन की कुंजी है।

इसके बाद प्रातः आठ बजे राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर से विशाल योग जनजागरूकता पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। पदयात्रा में बड़ी संख्या में चिकित्सक, शिक्षक, विद्यार्थी और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। योग के प्रति जनजागरण का संदेश देती यह पदयात्रा विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए लहुराबीर स्थित चंद्रशेखर आजाद पार्क पहुंची।

पार्क में पहुंचकर आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महान क्रांतिकारियों का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही पदयात्रा का समापन हुआ।

कार्यक्रम में राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अधीक्षक प्रो. डी.के. मौर्य, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मिश्र, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. धनंजय, गौरव राठी, संतोष सैनी, डॉ. संजय पांडेय, डॉ. संजय प्रकाश, डॉ. अंजना सक्सेना, डॉ. अरुण दत्त राजौरिया, डॉ. विजय राय, डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, अरुण पांडेय, जय विश्वकर्मा, अरुण मिश्रा, सुधीर त्रिपाठी, अनूप जायसवाल, अभिषेक अग्रहरि, राजू जाजोदिया, रिंकू केशरी एवं पुनीत केसरी सहित समस्त चिकित्सक, शिक्षक, कर्मचारी तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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