निरंकारी मिशन का योग दिवस संग बाल समागम

रिपोर्ट:- अनुपम भट्टाचार्य 

 

वाराणसी।बच्चों को बचपन से ही भक्ति से जोड़ने की जरूरत है,क्योंकि संसार में रहकर बच्चों में गलत संगत के कारण नशे की लत और सामाजिक बुराईया उत्पन्न हो जाति है। जिससे बच्चे भक्ति से दूर होकर माता-पिता के साथ भी असहज महसूस करने लगते है। यही आज हर घर में चिंता का विषय बना हुआ हैं।इसे दूर करने के लिए संत निरंकारी मिशन ने सन् 1943 में ही बाल सत्संग की स्थापना करके बच्चों को एक परम पिता परमात्मा से जोड़कर सच्ची भक्ति करने की प्रेरणा दे रहा हैं,इसी का प्रमाण है यह बाल समागम।

उक्त उद्गार गया,बिहार से पधारे आदरणीय विकास कुमार सिंह जी ने जोन स्तरीय संत निरंकारी बाल समागम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज का दौर भौतिकता से भरा हुआ है,ऐसे में बच्चों को सही संस्कार की जरूरत है,जिससे की भौतिकता की दौड़ में पड़कर मानवता को न भूल पाये।

श्री विकास जी ने कहा कि ये बच्चे धन्य है,जो ऐसे परिवार में जन्म लिए कि आज से ही सत्संग से जुड़कर अपने गीतों, विचारों और कविताओं के माध्यम से भक्ति का पैगाम दे रहे है। जो भी बच्चे इस परमात्मा की सच्ची भक्ति कर रहे है वो आज हर क्षेत्र में बुलंदियों को छूते हुए भी अपने संस्कारों को नहीं भूले हैं।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संत निरंकारी मिशन वाराणसी की विभिन्न शाखाओं में योग एवं आध्यात्मिक जागरूकता पर केंद्रित कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।

निःसंदेह निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित यह जन कल्याणकारी अभियान समाज को स्वास्थ्य, जागरूकता और सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित करते हुए समग्र कल्याण का संदेश प्रदान करता है। समस्त संगतो का आभार वाराणसी जोन के जोनल इंचार्ज श्री सिद्धार्थ शंकर सिंह जी ने व्यक्त करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सद्गुरु माता जी के चरणों में अरदास किया।

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