
वाराणसी।केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के अतिश सभागार में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय योग गुरु हीरा योगी जी रहे।
उन्होंने योग की कई विधियां शवासन,तड़ासन,वज्रासन,बालासन,भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया।
ज्ञातव्य हो कि इस वर्ष की आधिकारिक थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” है।यह थीम विश्व स्वास्थ्य संगठन के ‘हेल्दी एजिंग डिकेड’ (2021–2030) के लक्ष्यों के अनुरूप है।इस थीम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक गतिशीलता, मानसिक सतर्कता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना है। यह केवल जीवन काल को नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन शैली को भी बढ़ाने पर केंद्रित है।
योग गुरु हीरा योगी जी ने कहा कि योग उम्र की सीमाओं से परे एक ऐसी जीवन शैली है, जो हर अवस्था में शारीरिक और भावनात्मक संतुलन, स्वतंत्रता और गरिमा प्रदान करती है। यह संदेश देता है कि दैनिक योग अभ्यास के जरिए बढ़ती उम्र में भी सक्रिय, स्वस्थ और तनाव-मुक्त जीवन जिया जा सकता है। विदित हो कि आज हीरा लाल जी लगभग 48 देशों के सदस्यों को आभासी मंच के माध्यम से योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं।लाखों फॉलोअर्स इनके योग प्रशिक्षण से लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कुलपति प्रोफेसर वाड्ंछुग दोर्जे नेगी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विकृत चित् को रोकना ही योग का लक्ष्य है।भारत आज योग के द्वारा विश्व का मार्गदर्शन कर शांति का संदेश दे सकता है।यम, नियम, धारणा, ध्यान, समाधि के द्वारा विश्व का मार्गदर्शन हो सकता है। चित् में अहिंसा, सत्य और ब्रह्मचर्य का पालन करके ही मन और शरीर दोनों में संतुलन बनाया जा सकता है। कुलसचिव डॉ सुनीता चंद्रा ने स्वागत करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में, योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है।यह हमें अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ पल निकालकर ‘खुद के साथ जुड़ने’ और आंतरिक शांति प्राप्त करने का संदेश देता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में खेल अधिकारी शेम्फेल ने खतक और स्मृति चिन्ह देकर किया।इस अवसर पर संस्थान के सैकड़ों कर्मचारी, अधिकारी और छात्र -छात्राएं उपस्थित रहे।


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