सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में 30 जुलाई को आयोजित होगा भव्य दीक्षान्त समारोह, 20 जुलाई तक स्वीकृति-पत्र जमा करना अनिवार्य- कुलसचिव 

वाराणसी। भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत संस्कृति और उच्च शिक्षा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी ने अपने 44 वें दीक्षान्त महोत्सव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के निर्देशन में कुलसचिव श्री राकेश कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विश्वविद्यालय का 44 वाँ दीक्षान्त महोत्सव 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को प्रातः 10:00 बजे विश्वविद्यालय के दीक्षान्त मण्डप में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया जाएगा।

कुलसचिव श्री राकेश कुमार ने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर वर्ष 2026 की विद्यावारिधि, आचार्य, शास्त्री, शिक्षाशास्त्री, आयुर्वेदाचार्य, ग्रन्थालय विज्ञान तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विज्ञान की परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों को विधिवत उपाधियाँ प्रदान की जाएँगी। यह समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का गौरवपूर्ण पड़ाव होगा तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा।

उन्होंने बताया कि दीक्षान्त समारोह में सम्मिलित होने के इच्छुक सभी पात्र स्नातकों के लिए 20 जुलाई 2026 तक निर्धारित स्वीकृति-पत्र पूर्ण रूप से भरकर कुलसचिव कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। इसके उपरान्त 21 एवं 22 जुलाई 2026 को प्रातः 10:00 बजे अभ्यर्थियों को स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा तथा ₹250 का निर्धारित शुल्क जमा कर दीक्षान्त परिधान (गाउन) एवं उपाधि प्राप्ति से संबंधित आवश्यक सामग्री प्राप्त करनी होगी।

कुलसचिव ने स्पष्ट किया कि अधिसूचना के साथ तीन आवश्यक प्रपत्र संलग्न किए गए हैं। प्रथम प्रपत्र दीक्षान्त समारोह में प्रवेश हेतु है, जिसे संस्थागत विद्यार्थियों के लिए संबंधित प्रधानाचार्य तथा स्वतंत्र परीक्षार्थियों के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। द्वितीय प्रपत्र अभ्यर्थी द्वारा भरकर 21 जुलाई 2026 से पूर्व कुलसचिव कार्यालय में जमा किया जाना अनिवार्य है, जबकि तृतीय प्रपत्र संबंधित प्रधानाचार्य अथवा निर्धारित अधिकारी द्वारा प्रमाणित कराया जाएगा।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों से समयबद्ध ढंग से औपचारिकताएँ पूर्ण करने का आग्रह करते हुए कहा कि द्वितीय एवं तृतीय प्रपत्र 21 जुलाई 2026 से पूर्व कुलसचिव कार्यालय में प्राप्त होना अनिवार्य है। इसके पश्चात प्रथम प्रपत्र प्रस्तुत करने पर ही अभ्यर्थियों को दीक्षान्त समारोह का प्रवेश-पत्र, परिधान (गाउन) तथा उपाधि प्राप्ति संबंधी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी पात्र स्नातकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय पर अपनी सभी औपचारिकताएँ पूर्ण करें, जिससे वे विश्वविद्यालय के इस गौरवपूर्ण 44वें दीक्षान्त महोत्सव में सहभागी बनकर अपने शैक्षणिक जीवन के इस अविस्मरणीय क्षण के साक्षी बन सकें।

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