
वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में आज भारत के महालेखाकार (ए.जी.) कार्यालय, प्रयागराज से आई दो सदस्यीय विशेषज्ञ टीम द्वारा विश्वविद्यालय के लेखा विभाग एवं डेटा एंट्री अनुभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए ई-ऑडिट एवं ऑनलाइन लेखा प्रबंधन प्रणाली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से वित्तीय अभिलेखों, लेखा संबंधी दस्तावेजों एवं अन्य आवश्यक विवरणों को डिजिटल रूप से अपलोड करने, ऑनलाइन अभिलेख प्रबंधन तथा महालेखाकार कार्यालय से सीधे समन्वय स्थापित कर ई-ऑडिट प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों को डिजिटल लेखा प्रणाली के नवीनतम प्रावधानों, तकनीकी प्रक्रियाओं तथा ऑनलाइन कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
*डिजिटल लेखा प्रबंधन से बढ़ेगी पारदर्शिता और कार्यों की गति*:
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी श्री हरिशंकर मिश्र ने कहा कि “भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन की डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन की नीति को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने की दिशा में यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन लेखा एवं ई-ऑडिट प्रणाली के माध्यम से कार्यों में शुचिता, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समयबद्धता सुनिश्चित होगी। इससे वित्तीय प्रक्रियाएं अधिक सरल, त्वरित एवं विश्वसनीय बनेंगी तथा विश्वविद्यालय में पेपरलेस कार्यालय व्यवस्था को भी सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मचारी आधुनिक डिजिटल प्रणाली के अनुरूप दक्ष होकर शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि यह प्रशिक्षण केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति में गुणात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे लेखा एवं ऑडिट संबंधी कार्यों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब समाप्त होगा तथा सभी अभिलेख सुरक्षित, व्यवस्थित एवं ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर संवाद स्थापित कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रशिक्षण के समापन पर सभी कर्मचारियों ने ई-ऑडिट एवं ऑनलाइन लेखा प्रणाली का नियमित एवं प्रभावी उपयोग कर विश्वविद्यालय को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं पेपरलेस प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।










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