
वाराणसी। काशी मेँ लक्खा मेले की शुरुवात भगवान जगन्नाथ के रथयात्रा मेले से होती है । रथयात्रा मेले के दुसरे दिन शुक्रवार को भी दर्शन करने के लिये भक्तो की भारी भीड़़ सुबह से लाईन में लगा हुआ था। हाथो में तुलसी की माला व नान खटाई प्रसाद लेकर चढ़ाने के लिये भक्त लाईन मेँ लगे थे।
मन्दिर के पुजारी पण्डित राधे श्याम पांडे ने भगवान जगन्नाथ बलभद्र व वहन सुभद्रा को लाल परिधान धारण कराकर व वेला गुलाब तुलशी चम्पा चमेली आदि फुलो से शृंगार कर मंगला आरती की।इसके बाद रथ का पट भक्तो के लिये खोल दिया गया। रथारुढ़ भगवान की झांकी का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे थे।साथ ही भगवान के रथ का पहिया का स्पर्श कर अपने को धन्य महसुश कर रहे थे।
रामनगर के राजा ने भी किया।
रामनगर के राजा कुंवर अनंत नारायण सिंह सुबह नौ बजे रथयात्रा पधारे व विधि विधान से भगवान का दर्शन पूजन कर रथ भी खीचा। दोपहर पट बंद होने के पहले एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह अपने परिवार के साथ भोग आरती मे शामिल हुई। वही 3 बजे जब मन्दिर खुला तो पुर्व एमएलसी व ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के अध्यछ बृजेश सिंह ने भी दर्शन पूजन किया।उनके साथ बरहनी, चंदौली के प्रमुख महेंद्र सिंह भी थे। ट्रस्ट के सचिव शैलेश त्रिपाठी,न्यासी रवि शंकर सिंह,उत्कर्ष श्रीवास्तव, हरीश वलिया,डॉक्टर शिशिर मालवीय, ज्ञानेश्वर जी,डॉक्टर अतुल सिंह,नवीन जी,रामयश मिश्र,बिक्रात सिंह,यज्ञ नारायण जी भक्तो की सेवा मे लगे थे।










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