
वाराणसी ललित कला काशी द्वारा तीन दिवसीय “वर्थ एंड वर्शिप” ओपन स्पेस कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ललित कला काशी प्रदर्शनी का समापन प्रो. सुरेश के. नायर के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। प्रदर्शनी का क्यूरेशन डॉ. प्रियंका चन्द्रा, सहायक क्यूरेटर, भारत कला भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा किया गया, जबकि आयोजन का सफल संयोजन युवा मूर्तिकार मनीष सिंह ने किया। जहाँ समकालीन भारतीय कला को खुले सार्वजनिक परिवेश में प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा एवं उभरते कलाकारों की कलाकृतियों ने कला प्रेमियों, पर्यटकों एवं आम जनमानस का विशेष आकर्षण प्राप्त किया। प्रतिभागी कलाकार ऋतिक राज की कलाकृति को सुबहे-ए-बनारस स्थल पर आयोजित की प्रदर्शनी के दौरान सफलतापूर्वक विक्रयित हुई। यह उपलब्धि न केवल कलाकार के लिए, बल्कि समकालीन कला के प्रति बढ़ते जनविश्वास और कला संरक्षण की सकारात्मक दिशा का भी प्रतीक है।
“वर्थ एंड वर्शिप” प्रदर्शनी का उद्देश्य समकालीन कला को गैलरी की सीमाओं से बाहर निकालकर आम जनता तक पहुँचाना, कलाकारों को एक सशक्त एवं सार्थक मंच प्रदान करना तथा वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत से समाज को जोड़ना रहा। प्रदर्शनी के दौरान अनेक कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, पर्यटकों तथा विशिष्ट अतिथियों ने कलाकारों से संवाद कर उनकी रचनात्मक प्रक्रिया को निकट से समझा। संस्था भविष्य में भी ऐसे जनोन्मुखी कला आयोजनों के माध्यम से समकालीन भारतीय कला को व्यापक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।












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