
स्टाफ ने कहा- एंटी वेनम नहीं है, परिजन आनन-फानन में दीनदयाल अस्पताल ले गए
वाराणसी। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के दावों के बीच सीएचसी शिवपुर की इमरजेंसी व्यवस्था पर शनिवार रात सवाल खड़े हो गए। सांप के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंचे युवक को अस्पताल में तैनात स्टाफ ने एंटी वेनम उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर दीनदयाल अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी। इसके बाद परिजन युवक को आनन-फानन में दीनदयाल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है।
शिवपुर क्षेत्र के होलापुर निवासी आदर्श मिश्रा शनिवार रात करीब आठ बजे घर से बाजार जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सांप ने उनके पैर में काट लिया। परिजन करीब नौ बजे उन्हें लेकर सीएचसी शिवपुर की इमरजेंसी पहुंचे। आरोप है कि सांप के काटने की जानकारी देने पर वहां मौजूद स्टाफ ने एंटी वेनम डोज उपलब्ध नहीं होने की बात कही और दीनदयाल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। स्टाफ ने अपना नाम सौरभ बताया।
*रास्ते में कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता?*
आदर्श के परिजन अक्षय मिश्रा ने कहा कि सांप के काटने के बाद हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि मरीज की हालत रास्ते में बिगड़ जाती या कोई अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की है। चिकित्सक बोले- अस्पताल में उपलब्ध है एंटी वेनम सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. मनोज दुबे ने बताया कि अस्पताल में एंटी वेनम डोज उपलब्ध है। संबंधित कर्मचारी नया है और उसे अस्पताल में एंटी वेनम उपलब्ध होने की जानकारी नहीं थी। इसी जानकारी के अभाव में मरीज को दीनदयाल अस्पताल जाने की सलाह दी गई। घटना के बाद सीएचसी की इमरजेंसी में तैनात कर्मचारियों की जानकारी और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

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