
वाराणसी।रविवार को महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम उपलब्धि का जश्न मनाया गया।
परमपूज्य जगद्गुरु साईं माँ के ‘ड्रीम्स टू डिग्रीज़’ प्रोग्राम ने कॉलेज से ग्रेजुएट होने वाली अपनी पहली तीन युवतियों और फुल-टाइम नौकरी पाने वाली नौ युवतियों को सम्मानित किया।
यह कार्यक्रम 2024 में शुरू किया गया था । जिसका उद्देश्य वाराणसी के पिछड़े समुदायों की युवतियों को कॉलेज शिक्षा, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, मेंटरशिप और रोज़गार के ज़रिए गरीबी की बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सके।
कार्यक्रम का आयोजन सिगरा स्थित ‘अस्मिता’ संस्था के प्रांगण में आयोजित किया गया ।
जिसमें तीन ग्रेजुएट्स कोमल कुमारी,(सुधाकर महिला पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज) होम साइंस और सोशियोलॉजी में डिग्री हासिल की।
साक्षी, (संजय मेमोरियल कॉलेज) फिजिक्स और केमिस्ट्री में डिग्री हासिल की।
नागिता कुमारी, (महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ) सोशियोलॉजी और साइकोलॉजी में डिग्री हासिल की।
कार्यक्रम में नई नौकरी पाने वाली युवतियों नेहा जहाँ, सलोनी भारती, खुशबू सरोज, अनुपमा, नैन्सी कुमारी, सपना, नेहा कुमारी, वर्षिका गोंड और मुस्कान, को भी सम्मानित किया गया।
‘ड्रीम्स टू डिग्रीज़’ शक्तिधाम आश्रम का एक प्रोग्राम है जिसे युवतियों को कॉलेज में दाखिले से लेकर ग्रेजुएशन और नौकरी पाने तक मदद करने के लिए बनाया गया है। इसका मकसद उन्हें ऐसे हुनर और मौके देना है जिनसे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और अपने समुदायों में शिक्षित व सशक्त महिलाओं की नई पीढ़ी का हिस्सा बन सकें।
2,400 साल से ज़्यादा पुरानी विष्णुस्वामी परंपरा में जगद्गुरु के तौर पर पहचानी जाने वाली पहली महिला होने के नाते, परम पूज्य जगद्गुरु साईं माँ ने खुद महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक बाधा को तोड़ा है; ‘ड्रीम्स टू डिग्रीज़’ के ज़रिए यह विरासत आगे बढ़ रही है, क्योंकि ये युवतियाँ आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं के लिए नई संभावनाएँ खोल रही हैं।

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