
वाराणसी।अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई), वाराणसी में “हिन्दी सप्ताह” कार्यक्रम के दूसरे दिन दो सत्रों का आयोजन हुआ । यह कार्यक्रम 9 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन केंद्र के राजभाषा प्रकोष्ठ की ओर से किया जा रहा है।
दूसरे दिन के प्रथम सत्र के वक्ता डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई, ने “नोटिंग और ड्राफ्टिंग” विषय पर अपना व्याख्यान दिया, यह सत्र प्रतिभागियों को प्रशासनिक लेखन की बारीकियों से परिचित कराने के लिए किया गया। इसमें नोटिंग तकनीक और ड्राफ्टिंग कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से दस्तावेज़ तैयार करने और निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने की विधियाँ सिखाई गईं। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी व प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और स्पष्टता बढ़ाना था ।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. राज सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई, ने “संघ की राजभाषा तथा कार्यालयीन हिन्दी” पर व्याख्यान दिया, जिसका का उद्देश्य प्रतिभागियों को राजभाषा नीति और कार्यालयीन हिन्दी के महत्व से अवगत कराना था। इसमें हिन्दी के प्रयोग को प्रशासनिक कार्यों में सरल और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। व्याख्यान में यह भी बताया गया कि राजभाषा हिन्दी से सरकारी संचार अधिक पारदर्शी और जनसुलभ होता है। इस पहल से कर्मचारियों में भाषा के प्रति जागरूकता और कार्यकुशलता दोनों का विकास होता है । इस अवसर पर अंतरविश्वविद्यालय अध्यापक प्रशिक्षण केंद्र के समस्त अध्यापक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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