
जगतपुर पी जी कालेज में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर संगोष्ठी
वाराणसी।जगतपुर पी.जी. कॉलेज में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर समाजशास्त्र विभाग में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एवं विषय स्थापना करते हुए डॉ अमिता श्रीवास्तव ने वर्ष 2024 से 2026 तक 3 वर्षीय थीम आत्महत्या के दृष्टिकोण और संवाद के तरीके में बदलाव विषय पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर ज्योति मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्महत्या को व्यक्ति की कमजोरी कहना नहीं, बल्कि मदद मांगना सबसे बड़ी ताकत है। एक युवा व्यक्ति में आत्महत्या का जोखिम उसके उम्र, लिंग, सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रभाव के अनुसार बदलता रहता है। मानसिक स्वास्थ्य को उतना ही महत्व देना चाहिए जितना की शारीरिक स्वास्थ्य को, इसी क्रम में उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया का उपयोग के साथ ही साथ एक दूसरे के साथ जुड़ाव बनाना होगा।
प्रोफेसर अशोक सिंह ने इमाइल दुर्खीम के आत्महत्या के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए आत्महत्या जैसे घातक ख्याल आने पर क्या करना चाहिए, इसे कैसे रोके, बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी तथा हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी बताया। तत्पश्चात डॉक्टर विजय आनंद ने कहा कि आत्महत्या धीरे-धीरे एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, इस तरह की परिस्थितियों को रोकने के लिए छोटे-छोटे बातों का ख्याल रखना होगा। डॉक्टर मनोज सिंह ने भी अपने विचार रखें।
धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर आनंद सिंह ने दिया इसी क्रम में कुछ छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किया।

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