चेतसिंह किले में सजी ‘एक शाम महाकाल के नाम’,बाबा कीनाराम जी की 427 वीं जयंती पर हुआ भव्य आयोजन

 

वाराणसी। बाबा कीनाराम जी की 427वीं जयंती के अवसर पर चेतसिंह किले में ‘एक शाम महाकाल के नाम’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। अघोर चतुर्दशी के पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में अघोर पीठ हरिश्चंद्र काशी के पीठाधीश्वर परमपूज्य अवधूत उग्र चंडेश्वर कपाली बाबा तथा हरिश्चंद्र घाट की डोम राजमाता श्रीमती जमुना देवी ने सर्वप्रथम परमपूज्य बाबा कीनाराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं भव्य आरती पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सौरभ श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि भाजपा नेत्री शालिनी यादव, महेश श्रीवास्तव साहित्यकार डॉ जय प्रकाश मिश्र हास्य कवि डॉ चकाचौंध ज्ञानपुरी रहे।

भजन संध्या में संत-महात्माओं, कलाकारों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

 

कार्यक्रम में बाबा कीनाराम जी के जीवन, साधना एवं अघोर परंपरा में उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रख्यात शहनाई वादक पंडित महेंद्र प्रसन्ना द्वारा गुरु वंदना व कजरी द्वारा हुआ। उसके बाद प्रख्यात भजन गायक अमलेश शुक्ला अमन ने बाबा कीनाराम जी को समर्पित अघोर भजन प्रस्तुत किया फिर श्रद्धा पांडेय ने मेरे जीवन में गुरु का सहारा हो गया व नीमिया के मइया पचरा गीत से उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके बाद अमलेश शुक्ला ने कलकत्ते की काली माई रे… उसके बाद मदन राय ने निर्गुण गीतों से समा बांध दिया। साथ ही गायक कलाकार पुष्कर सिंह, रिया राज, राकेश तिवारी, पूजा चौबे, भजन, धार्मिक गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंच संचालन गायक राजन तिवारी व श्याम भूषण ने किया।

कलाकारों ने भगवान महाकाल की स्तुति करते हुए अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाबा कीनाराम जी की साधना और उनके द्वारा दिए गए मानव सेवा, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना के संदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। काशी की अघोर परंपरा में बाबा कीनाराम जी का विशिष्ट स्थान है और उनकी जयंती श्रद्धा एवं आस्था के साथ मनाई जाती है।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा कीनाराम जी को नमन किया। कार्यक्रम में धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ देर शाम तक भक्ति की धारा बहती रही। ‘एक शाम महाकाल के नाम’ ने चेतसिंह किले को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

 

बाबा कीनाराम जी की 427वीं जयंती के इस आयोजन में काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और अघोर परंपरा की अनूठी झलक देखने को मिली।

 

इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय चौबे, अर्जुन सिंह, प्रभु केशरी, नूतन सिंह, ओ पी राय, अशोक राय, प्रियदर्शन पाठक, डॉ सुभाष चन्द्र, काली शंकर उपाध्याय, सुबीर सेन, अंकुर सिंह बंटी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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