
वाराणसी।चिरईगांव, ब्लॉक संसाधन केंद्र चिरईगांव पर ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ मुख्य विषय के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का भव्य और सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का कुशल संचालन विज्ञान एआरपी रश्मि त्रिपाठी द्वारा संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में विकास खंड के लगभग 30 विद्यालयों से आए नन्हे बाल वैज्ञानिकों ने अपनी अद्वितीय वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों ने चार्ट, मॉडल और अपनी परिकल्पनाओं के साथ प्रयोग व अवलोकनों को प्रस्तुत किया।
निर्धारित 20 मानकों पर बच्चों की वैज्ञानिक समझ, प्रस्तुत करने के ढंग और अभिलेखीकरण का मूल्यांकन किया गया। बच्चों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध की भावना विकसित करने में उनके गाइड शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस प्रतियोगिता की कंपोजिट विद्यालय सुलतानपुर की दो टीमों का चयन हुआ साथ ही, प्रथम स्थान पर चयनित प्राथमिक विद्यालय पतेरवा की टीम का मार्गदर्शन करते हुए उनकी गाइड टीचर व पथ प्रदर्शक अर्चना सिंह ने बच्चों के साथ अपना बेहतरीन योगदान दिया, जिससे बच्चों का प्रदर्शन अत्यंत सुंदर रहा।
कड़े मुकाबले के बीच ब्लॉक स्तर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आठ विद्यालयों की टीमों ने जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए क्वालीफाई किया। जिला स्तर पर प्रतिभागी बनने वाले विजेता विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय पतेरवा, कंपोजिट विद्यालय सुलतानपुर, कंपोजिट विद्यालय पर्वतपुर, कंपोजिट विद्यालय बनकट, उच्च प्राथमिक विद्यालय चिरईगांव, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय बरथरा तथा पीएम श्री विद्यालय उमरहा शामिल हैं।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों, गाइड टीचर्स, वॉलंटियर्स और जजेस को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जबकि विजेताओं को ब्लॉक स्तरीय विजेता का प्रमाण पत्र आगामी 28 तारीख को संत तुलानंद में आयोजित होने वाली अगली प्रतियोगिता में प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए एक सशक्त निर्णायक मंडल मौजूद रहा, जिसमें पूर्व एआरपी (अंग्रेजी) आलोक कुमार मौर्य, प्राथमिक विद्यालय तोहफापुर से ब्रह्मानंद राय, कंपोजिट विद्यालय रामगढ़वा से कमलेश कुमार, पूर्व एआरपी (हिंदी) रविशंकर पांडे, पूर्व एआरपी (विज्ञान) वरुण चतुर्वेदी तथा वर्तमान एआरपी (गणित) श्रीनिवास सिंह शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने सभी चयनित बाल वैज्ञानिकों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में और अधिक बेहतर प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण एवं रचनात्मक सुझाव दिए।

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