दशहरा का पर्व कब है और इस दिन कौन कौन से उपाय – अंक ज्योतिषाचार्य

 

इस वर्ष दशहरा पर्व मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।

शुभ मुहूर्त दोपहर 01:49 बजे से दोपहर 02:45 बजे तक है।

रावण दहन का शुभ मुहूर्त शाम को सूर्यास्त के बाद का है।

 

दशहरे के दिन किए जाने वाले विशेष उपाय

 

1) गुप्त शत्रुओं से मुक्ति के लिए दशहरे के दिन शाम के समय शमी के पेड़ के पास पश्चिम दिशा की ओर मुख करके सरसों के तेल का आटे से बना हुआ चौमुखी दीया जलाएं और शमी का एक पत्ता अपनी तिजोरी या पर्स में रखें ।

 

2) धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए दशहरे की शाम को मंदिर में नई झाड़ू का दान करें।

 

3) किसी भी व्यक्ति या परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने के लिए इस दिन शस्त्रों, औजारों या नए वाहनों की पूजा करना अत्यंत शुभ होता है।

 

4) जीवन की बड़ी बाधाओं और संकटों को दूयर करने के लिए इस दिन सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

 

5) यदि घर में कोई लंबे समय से बीमार है, तो एक साबुत नारियल बीमार व्यक्ति के ऊपर से एंटीक्लॉकवाइज 21 बार उतारकर रावण दहन की अग्नि में अर्पित कर दें।

6) कोट कचहरी के मामलों में सफलता के लिए दोपहर के समय 3 बजे मां दुर्गा की पूजा करें, उन्हें 10 फल चढ़ाएं और बाद में इन्हें गरीबों में बांट दें। “ॐ विजयायै नमः” मंत्र का जाप 108 बार करें।

 

*विजयादशमी के दिन अपने अपने मूलांक के अनुसार ये उपाय करें इससे मन में शांति आयेगी और जीवन में सफलता के द्वार खुलेंगे।*

 

मूलांक 1: राम मंदिर में बैठे और हनुमान चालीसा का पाठ करें। भगवान राम को लाल फल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं।

 

मूलांक 2: मां दुर्गा के मंदिर में जाकर श्रृंगार की सामग्री और मिठाई अर्पित करें। “ऊं आञ्जनेयाय नमः” का जाप करें।

 

मूलांक 3: इस दिन प्रभु श्रीराम को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और श्री रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

 

मूलांक 4: भगवान राम और माता सीता को मीठे पान का भोग लगाएं। इसके साथ ही विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

 

मूलांक 5: व्यवसाय में सफलता और कोट कचहरी में विजय की प्राप्ति के लिए विजयादशमी पर दुर्गा कवच का पाठ करें।

 

मूलांक 6: हनुमान जी के मंदिर में जाकर पेड़ा और बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। बेसहारा लोगों को हरे रंग के वस्त्र दान करें।

 

मूलांक 7: जीवन की बाधाएं दूर करने के लिए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और किसी मंदिर में गुप्त दान करें।

 

मूलांक 8: हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर (चोला) चढ़ाएं। महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का पाठ करें।

 

मूलांक 9: पूजा में तुलसी (दल) की 5 पत्तियां चढ़ाएं। श्री राम के 108 नामों का जाप करें और पीले वस्त्र का दान करें।

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