
वाराणसी। हनुमान घाट स्थित कांची कामकोटीश्वर मंदिर में आयोजित श्री शुक्ल यजुर्वेद माध्यन्दिन शाखा के कण्ठस्थ दंडक्रम पारायण का चतुर्थ दिवस श्रद्धा एवं वैदिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर वेदमूर्ति श्री महादेव घनपाठी जी, वेदमूर्ति श्री केदार घनपाठी जी एवं वेदमूर्ति श्री अनंत घोडेकर जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही विश्व हिंदू परिषद के श्री कन्हैया सिंह जी एवं श्रीधर जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अतिथियों ने वैदिक परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पारायणकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान, पुणे एवं समर्थाद्वैत वेदपाठशाला, त्र्यम्बकेश्वर के तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजक समिति में कांची मठ के प्रबंधक श्रीमान् वी. एस. सुब्रमण्यम जी का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हो रहा है।
कार्यक्रम के संयोजक वेदमूर्ति श्री शैलेन्द्र काकड़े गुरुजी एवं वेदमूर्ति डॉ. गजानन ज्योतकर गुरुजी हैं। आयोजक समिति में वेदमूर्ति श्री के. वेंकटरमण घनपाठी जी भी सम्मिलित हैं।
परीक्षक के रूप में वेदभास्कर श्री प्रशांत जोशी गुरुजी एवं वेदमूर्ति श्री किरण पाठक गुरुजी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
पारायणकर्ता चिरंजीव अद्वैत शैलेंद्र काकड़े एवं समर्थ शैलेंद्र काकड़े ने अपनी सस्वर एवं शुद्ध वैदिक प्रस्तुति से उपस्थित विद्वज्जनों को प्रभावित किया।
यह आयोजन वेदों की मौखिक परम्परा, शुद्ध स्वर एवं उच्चारण तथा वैदिक ज्ञान के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।

Leave a Reply