विश्वविद्यालय में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा पर विद्यार्थियों ने दी प्रस्तुति

वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के संस्कृतविद्या विभाग एवं श्रमणविद्या संकाय के संयुक्त तत्वावधान में लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता के संकल्प के साथ मनाई गई।

 

इस अवसर पर सरदार पटेल के मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘एकता परेड एवं सांस्कृतिक समारोह’ की टैगलाइन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ रही।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए एकता परेड के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखण्डता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

 

विद्यार्थियों ने सरदार पटेल के प्रेरणादायी जीवन, स्वतंत्र भारत के एकीकरण में उनके ऐतिहासिक योगदान तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी दूरदर्शी भूमिका पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किए।

 

इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा, अदम्य इच्छाशक्ति और संगठनात्मक क्षमता का अनुपम उदाहरण है।

 

उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति एवं दूरदर्शिता से देशी रियासतों का एकीकरण कर अखण्ड भारत की मजबूत नींव रखी। आज ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करना आवश्यक है। विश्वविद्यालयों का दायित्व केवल ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के संस्कार विकसित करना भी है। हमें सरदार पटेल के आदर्शों को अपने आचरण में उतारकर सशक्त, समरस एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

 

नोडल अधिकारी डॉ रविशंकर पाण्डेय ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता को बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। सरदार वल्लभभाई पटेल केवल स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के शिल्पकार भी थे। उन्होंने अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प से विविधताओं से परिपूर्ण भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन से एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ केवल एक विचार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के व्यवहार और जीवन में प्रतिबिंबित होने वाला राष्ट्रीय संकल्प है।

 

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. बालेश्वर झा, डॉ. सूर्यभान कुमार, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. मुकेश कुमार मेहता, सुश्री नीतू यादव तथा छात्र प्रतिनिधि श्री शिवम मौर्य ने सक्रिय भूमिका निभाई।

 

कार्यक्रम के समापन पर संयोजक मंडल ने सभी प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह संपन्न हुआ तथा सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र की एकता, अखण्डता एवं मजबूती के लिए सतत योगदान देने का संकल्प लिया गया।

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