
वाराणसी। काशी में चल रहे श्री शुक्ल यजुर्वेद माध्यन्दिन शाखा कण्ठस्थ दण्डक्रम पारायण के अंतर्गत शनिवार को माननीय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से भेंट कर उन्हें इस विशिष्ट वैदिक अनुष्ठान में पधारने हेतु सादर निमंत्रण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि “मैं अवश्य आऊँगा।” उनकी इस आत्मीय स्वीकृति से समस्त आयोजक मंडल एवं वैदिक विद्वत् समाज में हर्ष का वातावरण है।
यह विशिष्ट वैदिक अनुष्ठान कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य श्रीमद् विजयेंद्र सरस्वती स्वामी जी महाराज के पावन आशीर्वाद तथा पूज्य स्वामी गोविंददेवगिरि जी महाराज के मार्गदर्शन में, कांची मठ के मुख्य प्रबंधक श्री वी. एस. सुब्रमण्यम जी के संपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है।
इस वैदिक अनुष्ठान के प्रमुख आयोजकों में के. वेंकटरमन घनपाठी जी, शैलेन्द्र काकड़े गुरुजी एवं डॉ. गजानन ज्योतकर गुरुजी का विशेष योगदान है।
इस पारायण में वेदाध्यायी बालक अद्वैत शैलेन्द्र काकड़े एवं समर्थ शैलेन्द्र काकड़े अपनी वैदिक साधना एवं स्वाध्याय के माध्यम से सहभागी हैं।
इस अवसर पर परीक्षक के रूप में वेदभास्कर प्रशांत ऋषिवंशी जी एवं किरण पाटकुर्जी भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैदिक ज्ञान-परंपरा, शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा तथा दण्डक्रम जैसी विशिष्ट मौखिक पाठ-परंपरा का संरक्षण, संवर्धन एवं भावी पीढ़ियों तक उसका हस्तांतरण करना है।
माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कार्यक्रम में पधारने की सहमति प्रदान करना समस्त आयोजक मंडल एवं वैदिक विद्वत् समाज के लिए हर्ष और उत्साह का विषय है।
आयोजक मंडल ने इस पुनीत वैदिक अनुष्ठान के लिए आशीर्वाद, मार्गदर्शन एवं संपूर्ण सहयोग प्रदान करने वाले सभी पूज्य संतों, आचार्यों, विद्वानों एवं गणमान्य व्यक्तियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।


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