शिशिक्षु नियोजन का लाभ उठायें एवं अपने बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो

 

 

वाराणसी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 वर्ष व उससे अधिक आयु के युवाओं को मिलेगा सैद्वान्तिक व व्यवहारिक ज्ञान राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, करौंदी के नोडल प्रधानाचार्य अरूण कुमार यादव ने अवगत कराया है कि उद्योगों व अधिष्ठानों के श्रेष्ठ संचालन हेतु कुशल कार्मिक वंचित होते हैं,जिनकी पूर्ति के लिए समाज में उपलब्धियों को प्रशिक्षित किया जाता है। शिशिक्षु अधिनियम 1961 तथा संशोधित 2019 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत 14 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी युवा किसी भी औद्योगिक/सेवा क्षेत्र हेतु निर्धारित किए प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रवेश लेकर सैद्धांतिक ज्ञान को उद्योग में अथवा किसी भी प्रशिक्षण संस्थान में तथा व्यवहारिक ज्ञान को सीधे उद्योग में प्राप्त करेगा।

इस प्रकार भारत सरकार का मूल उद्देश्य यह है कि उद्योगों/अधिष्ठानों में उपलब्ध व्यावसायिक प्रशिक्षण के संसाधनों का उपयोग करते हुए उद्योगों/अधिष्ठानों की मांग के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार किए जाएं। उद्योगों/अधिष्ठानों के माध्यम से प्रदान की जाने वाली प्रशिक्षण की व्यवस्था को शिक्षित प्रशिक्षण योजना नामित किया गया है तथा योजनान्तर्गत प्रशिक्षण हेतु योजित किए जाने वाले युवाओं को शिशिक्षु कहा जाता है। शिक्षुता प्रशिक्षण योजना के क्रियानवयन हेतु राष्ट्रीय स्तर पर से शिशिक्षु भारत सरकार द्वारा संचालित पोर्टल को विकसित कर संचालित किया गया है। शिशिक्षु प्रशिक्षण योजना को अधिक प्रभावी बनाते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उधमशीलता मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री शुक्षुता प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अन्तर्गत अधिष्ठान को प्रति शिशिक्षु मासिक वृत्तिका की 25 प्रतिशत धनराशि या अधिकत्तम 1500 प्रतिमाह की प्रतिपूर्ति भारत सरकार द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही रूपये 1000 प्रतिमाह की अतिरिक्त धनराशि का टॉप-अप मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। उक्त क्रम में जनपद की शिक्षित युवा जनशक्ति एवं जनपद के प्रतिष्ठित सरकारी सहकारी निजी उद्योग प्रतिष्ठान संस्थाओं से अपेक्षा है कि शिक्षित प्रशिक्षण योजना के क्रियान्वयन हेतु संचालित वेबपोर्टल के माध्यम से अपनी औद्योगिक इकाइयों अधिष्ठान का पंजीकरण करते हुए अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को शिशिक्षु के रूप में नियमानुसार अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्रदान कराये। इसके लिए अभ्यर्थियों एवं प्रतिष्ठित अधिष्ठानों को भी भारत सरकार के उक्त वेब पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य रहता है, जिसकी जानकारी उक्त पोर्टल के होम पेज पर दृश्य के साथ श्रव्य सावधारण के लिए उपलब्ध है। पंजीकरण के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान हेतु अप्रेंटिस कार्यालय एवं नोडल प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, करौंदी से संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने समस्त आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से अनुरोध किया कि भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही शिशिक्षु प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत उक्त वेब पोर्टल के माध्यम से शिशिक्षु नियोजन का लाभ उठायें एवं अपने बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो।

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