1 कुछ पीने पिलाने की बात कर

 

 

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*कुछ दर्द छुपाने की बात कर,

कुछ गम भुलाने की बात कर,

कुछ तन्हाई मिटाने की बात कर,

तेरी महफिल में आया है प्यास चौरसिया,

कुछ पीने पिलाने की बात कर*

 

 

 

२* *मानव योनि में आएं हैं पीने के लिए*

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मानव योनि में नहीं पियेंगे

तो फिर किस योनि में पियेंगे,

बड़ी मुश्किल से है मानव जन्म पाए,

मानव योनि में पीने के लिए ही हैं आए,

बहुत योनि में जन्म लिया है मैंने, पर किसी ने भी एक बूंद नहीं पिलाया,

इसीलिए प्रभु का चरण वंदन कर, मानव योनि में है आया,

जल थल नभ योनी भी पाया,

पर किसी ने एक बूंद भी नहीं पिलाया,

आप भले ही आए हैं, मानव योनि में जीने के लिए,

पर आया मैं मानव योनि में पीने के लिए,

क्या हुआ जो मैं शराब पीकर जल्दी मर जाऊंगा,

अरे नहीं पियूंगा तो क्या अमर हो जाऊंगा,

अगर तुझे लगता है बुरा मेरे पीने से

तू भी पी के देख ले क्या मजा है जीने में

कौन कहता है पीने से मैं खाक हो जाऊंगा

एक दिन तू भी रख हो जाएगा एक दिन मैं भी रख हो जाऊंगा

मां मेरी बात तू भी पीके देख ले खाक होने से पहले राख होने से पहले

तू भी चौरसिया की तरह जी के देख ले।

विशाल चौरसिया

वाराणसी

8181907374

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