
भारत-अमेरिका और भारत-यूरोप व्यापार समझौते पर संगोष्ठी
वाराणसी। यूपी कॉलेज के कृषि अर्थशास्त्र विभाग में भारत-अमेरिका और भारत-यूरोप व्यापार समझौते विषय पर संगोष्ठी का आयोजित की गई। संगोष्ठी में सहायक प्राध्यापक सिद्धि सिंह और साधना मोदनवाल ने यूरोप एवं अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौतों के महत्वपूर्ण उद्देश्यों और उनके प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि इन व्यापार समझौतों से कृषि, तकनीक और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नई तकनीकों को अपनाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे रोजगार सृजन के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के उपयोग से कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर में भी तेजी आ सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा कम होने की संभावना है। स्वागत एवं विषय स्थापना विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष कुमार सिंह ने किया। विभाग के वरिष्ठ अध्यापक प्रो. एस.के. सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि ऐसे व्यापार समझौते देश की विदेशी मुद्रा और आर्थिक विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस समझौते से बागवानी और प्रसंस्करण क्षेत्र को नया बाजार मिलेगा, जिससे आम, सब्जियों और मोटे अनाज जैसे उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा। संचालन खुशी सिंह, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राकेश कुमार ने दिया।
