वाराणसी।उदय प्रताप कॉलेज के राजर्षि सेमिनार हाल में आज शिक्षक संघ उदय प्रताप कॉलेज के द्वारा शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय महासंघ (FUPUCTA) के अध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान थे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक संघ के संरक्षक प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किया। आज के आयोजन विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय महासंघ के महामंत्री प्रोफेसर प्रदीप कुमार सिंह थे । उल्लेखनीय है कि विगत कुछ वर्षों से कोविड के कारण शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन नहीं हो सका था। आज महाविद्यालय से विगत महाविद्यालय से अवकाश ग्रहण कर चुके जिन शिक्षकों की विदाई में यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया उनमें पूर्व प्राचार्य एवं रक्षा एवं स्ट्रैटेजिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय बहादुर सिंह, मनोविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवधेश उपाध्याय, अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह, वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. महेश प्रताप सिंह, वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर दुर्ग विजय सिंह, शिक्षक शिक्षा विभाग के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुलाब सिंह तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रोफेसर अजय कुमार सिंह के नाम विशेष उल्लेखनीय हैं। कार्यक्रम के आरंभ में अवकाश प्राप्त शिक्षकों सम्मान पत्र, साल और स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया गया। साथ ही अवकाश प्राप्त इन शिक्षकों ने आशीर्वचन के रूप में महाविद्यालय के अपने अनुभवों को साझा करते हुए अध्यापक और छात्र-छात्राओं के लिए शुभकामना संदेश दिया।
इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उदय प्रताप कॉलेज न केवल प्रदेश में बल्कि पूरे देश में एक अत्यंत प्रतिष्ठित महाविद्यालय रहा है । यहां से निकलने वाली प्रतिभाओं ने साहित्य, राजनीति, खेल आदि के क्षेत्र में पूरे देश का नाम रोशन किया है। इस काम में यहां के शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका रही है । शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन निश्चय उदय प्रताप कॉलेज के शिक्षक संघ का अपने सम्मानित सदस्यों के प्रति एक अत्यंत जरूरी कार्यभार है । इससे समाज और विद्यार्थियों में अपने बड़ों के प्रति सम्मान करने का संदेश जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि काशी ज्ञान और चेतना की धरती रही है। यहां के शिक्षकों ने पूरे प्रदेश के शिक्षक संघ के संचालन में हर समय दिशा निर्देश किया है। यही नहीं उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ संघ की स्थापना में उदय प्रताप कॉलेज का विशिष्ट योगदान रहा है। यहां के शिक्षकों ने प्रदेश स्तर पर नेतृत्व किया है। आज हमारे जो शिक्षक अवकाश ग्रहण कर रहे हैं वे अपने ज्ञान और चिंतन से महाविद्यालय और छात्र-छात्राओं का कुशल मार्गदर्शन करते रहे हैं। प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने यह भी कहा कि भले ही आज यू ट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के माध्यमों का प्रचार हो रहा है लेकिन कक्षा में शिक्षण की अनिवार्यता अभी भी बनी हुई है क्योंकि ज्ञान और चिंतन संबंधी गंभीर कार्य कक्षा में पठन-पाठन के अभाव में संभव नहीं हो सकता ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के महामंत्री प्रोफेसर प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक हितों में बनारस के शिक्षकों का नेतृत्व सदैव आगे रहा है । हर समय सरकारें ने जब शिक्षक हितों के विरुद्ध कोई भी निर्णय लिया है तो बनारस के शिक्षकों ने इसका पुरजोर विरोध किया । आज जब चारों ओर शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है तो ऐसे समय में बनारस के शिक्षकों को शिक्षक हितों के लिए संघर्ष में आगे आने की नियतांक जरूरत है । इस अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री प्रोफेसर दिवाकर सिंह ने कहा कि महाविद्यालय का शिक्षक संघ राजर्षि उदय प्रताप सिंह जू देव के सपनों को पूरा करने में पूरे मनोयोग से लगा हुआ है। आज अवकाश ग्रहण करने वाले शिक्षकों ने निश्चित रूप से राजर्षि के मानसपुत्र के रूप में अपना पूरा जीवन लगा दिया है। उनके प्रति यह सम्मान हमारा नितांत रूप से जरूरी दायित्व है ।
शिक्षक सम्मान समारोह में आए हुए अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर सुधीर राय ने किया तथा संचालन प्रोफेसर गोरखनाथ ने किया । उपस्थित महानुभवों के प्रति आभार शिक्षक संघ के मंत्री डॉ. मयंक सिंह ने किया। आज के सम्मान समारोह में प्रोफेसर रमेश द्विवेदी , प्रोफेसर दयानंद प्रसाद साहा ,प्रोफेसर शशिकांत द्विवेदी, प्रोफेसर मीरा सिंह , प्रोफेसर सुधीर कुमार शाही, प्रोफेसर अरविंद सिंह , प्रोफेसर पंकज कुमार सिंह, प्रोफेसर पंकज राय , प्रोफेसर संजय शाही, प्रोफेसर अनिता सिंह , डॉ. तुषार कांत श्रीवास्तव , डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. विभा मिश्रा, डॉ. अनुराग उपाध्याय, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डा. जितेंद्र सिंह,डॉ विवेक कुमार सिंह , डॉक्टर सुनील कुमार सिंह, डॉक्टर अग्नि प्रकाश शर्मा, डॉ अश्वनी कुमार निगम आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
