वाराणसी। जनपद में पूर्ण रूप से महिला मत्स्य पालकों के लिए समर्पित राज्य सरकार की नवीन योजना सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम की स्थापना प्रारम्भ की गयी है। जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 19 अगस्त रहा, जिसे 3 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक अभिकरण राजेंद्र कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि योजनान्तर्गत तालाबों में सघन मत्स्य पालक करते हुए अधिकाधिक मत्स्य उत्पादन प्राप्त करने हेतु जल की गुणवत्ता, रोग और रोगजनकों, जलीय वनस्पतियों तालाव में घुलित ऑक्सिजन के स्तर का प्रबन्ध करने, जल कृषि में सभी एरोबिक जलीय जीवों को जीवित रहने एवं तालाबों में निर्धारित मानक की स्थापना योजना प्रारम्भ की गयी है। योजनान्तर्गत मत्स्य बीज हैचरी संचालित करने वाले हैचरी स्वामी, निजी क्षेत्र एवं पट्टे पर आवंटित तालाब की महिला मत्स्य पालक जिनके तालाब की पट्टा अवधि कम से कम 05 वर्ष अवशेष हो पात्र होगें परियोजना अन्तर्गत 0.50 हे0 के तालाब में 2 हार्सपावर के एक क्वाड पैडिल व्हील एरियेटर एवं 1.30 हे0 या उससे बड़े तालाब हेतु अधिकतम 2 एरियेटर पर महिला मत्स्य पालक जिनके तालाब की वर्तमान मत्स्य उत्पादकता कम से कम 4 से 5 टन प्रति हेक्टेयर है की उत्पादकता में वृद्धि हेतु अनुदान दिया जाएगा। यह योजना पूर्णतः महिला मत्स्य पालकों के लिए संचालित की गयी है एयरेशन सिस्टम की स्थापना के लिए इच्छुक महिला आवेदकों द्वारा विभागीय पोर्टल http://fisheries.up.gov.in पर 19 अगस्त तक खोला गया था। पोर्टल पर आवेदन करने की तिथि पुनः 03 सितम्बर तक बढ़ा दी गयी है। योजना की इकाई लागत रु 0.75 लाख प्रतियूनिट है। सामान्य/ अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं हेतु 50 फीसदी एवं अनुसूचित जाति की महिलाओं को 60 फीसदी अनुदान दिया जाएगा इच्छुक महिला आवेदक उक्त विभागीय पोर्टल http://fisheries.up.gov.in पर आनलाईन आवेदन 03 सितम्बर तक कर सकती है। योजना के सम्बन्ध विस्तृत जानकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण के डीआईजी कालोनी स्थित कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस में प्राप्त किया जा सकता है।

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