
वाराणसी। चितईपुर स्थित धर्मेश्वर वाटिका में रविवार को अखिल भारतीय विश्वकर्मा ट्रस्ट के तत्वावधान में विश्वकर्मा सामाजिक समागम व होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, व्यापारी, अधिकारी वर्ग तथा शिल्पकार बड़ी संख्या में शामिल हुए। समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विश्वकर्मा समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि अवकाश प्राप्त न्यायाधीश पारस नाथ शर्मा ने शिक्षा को विकास की जननी बताते हुए कहा कि शिक्षा वह शक्ति है जो व्यक्ति को आत्मविश्वास और पहचान देती है। उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़े धीरज विश्वकर्मा द्वारा लिखित पुस्तिका कर्ण दर्शन का विमोचन भी किया। विशिष्ट अतिथि सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज की पहचान और ताकत को मजबूत बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि बिखराव के कारण समाज को वह राजनीतिक और सामाजिक लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसका वह हकदार है।
कार्यक्रम में शशिधर पंचगौड़, रघुवर दास विश्वकर्मा, डॉ. विद्यानंद शर्मा, भरत विश्वकर्मा, रामचंद्र शर्मा, घनश्याम विश्वकर्मा, डॉ. वी.के. शर्मा, बिनोद शर्मा, अभिषेक विश्वकर्मा, राकेश विश्वकर्मा, सुनील विश्वकर्मा, बाबू विश्वकर्मा आदि शामिल थे।
