
वाराणसी। जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार में सामाजिक न्याय के पुरोधा बाबू बिंदेश्वरी प्रसाद (बीपी मण्डल) की जयंती मनायी गयी। विचार गोष्ठी में सामाजिक व राजनैतिक योगदान पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने उन्हें पिछड़ों का मसीहा बताते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उन्हें भारत रत्न देने की मांग की। अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्रदेश सचिव डा. उमाशंकर सिंह यादव ने कहा कि बीपी मण्डल ने शोषित, गरीब और दबे-कुचले पिछड़ों को आरक्षण दिलाया, जो किसी वरदान से कम नहीं। उन्होंने पिछड़े वर्गों को सामाजिक, वित्तीय व शैक्षणिक स्तर पर प्रोत्साहित कर मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की। संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता सन्तोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और पिछड़ा वर्ग आयोग के पहले अध्यक्ष बीपी मंडल ओबीसी आरक्षण के जनक हैं। बीपी मंडल ने सामाजिक परिवर्तन की धारा को निर्णायक मोड़ दिया। बीपी मंडल आधुनिक समाज के प्रणेता थे। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में इन्होंने पूरे देश का भ्रमण किया। इन्होंने देश की तीन हजार सात सौ तैतालिस अन्य पिछड़ी जातियों की पहचान कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिये अपनी सिफारिशें दी। उनकी यही सिफारिशों ने उन्हें इतिहास में स्थान दिलाया।
इस अवसर पर जितेंद्र यादव, श्रीमती पुत्तुल यादव, अखिलेश यादव, शिवप्रसाद गौतम, संजय पहलवान, ऊदल पटेल, आरपी यादव, विजय विज्जु, रामसिंह भारद्वाज, सचिन प्रजापति, भुआल प्रजापति, रामकुमार यादव, वंश नारायण सेठ, धर्मवीर पटेल, गिरिजेश कुमार, विनोद शुक्ला, राजू व विजय टाटा,अमन कुमार आदि थे।
