
लोलार्क षष्ठी पर 95 वीं जयंती पर विद्वतजनों ने किया उनका स्मरण
वाराणसी। वरिष्ठ पत्रकार रहे स्व. आनंद बहादुर सिंह 95 वीं जयंती पर याद किये गए। लोलार्क षष्ठी के अवसर पर सोमवार को उनके भदैनी स्थित आवास पर आयोजित जयंती समारोह में विद्वत समाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। इस अवसर पर आयोजित स्मरण सभा मे मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता एवं साहित्यकार यशपाल कुमार ने कहा कि स्व. आनन्द बहादुर सिंह सनातनी मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता के केन्द्र बिन्दु थे, उनकी पत्रकारिता में चारित्रिक उत्थान की झलक मिलती थी। वें निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के श्रेष्ठ उदाहरण थे, उन्होंने पत्रकारिता के मूल्यों को जीया था, उनके लेखनी में उनका आदर्श झलकता था। विशिष्ट वक्ता कथा मर्मज्ञ आचार्य पण्डित रामसुरति द्विवेदी ने कहा कि वें काशी से जुड़ी धार्मिक जानकारियों के अथाह सागर थे। रामचरित मानस एवं गोस्वामी तुलसीदास पर उनका गहरा अध्ययन था। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के निकट शिष्यों में से वे एक थे और उनके ही आदर्शों पर चल कर उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन को समर्पित कर दिया। विशिष्ट वक्ता दक्षिण भारतीय पुरोहित संघ, चेन्नई के संत के. थंबू स्वामी ने कहा कि वें काशी के महत्व को समझने वाले महापुरुष थे, जिनकी लेखनी में भी काशी के महात्म्य का खूब प्रचार मिलता था।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. गया सिंह ने कहा कि बाबू साहब जीवंत व्यक्तित्व के उदाहरण थे, काशी की संतमत परम्परा के अनुरूप चलने वाले पत्रकार थे। उनका व्यक्तित्व बहुत विशाल था जो सदैव अनुकरणीय रहेगा।
इस मौके पर मुख्य रूप से विश्वनाथ यादव, अफसर खान, डॉ. हृदय शंकर मिश्रा, गोपेश चंद्र राय, एडवोकेट अमृत प्रभात, विनोद शर्मा आदि ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किया।
आगतजनो का स्वागत उनके पुत्र विजय बहादुर सिंह, संचालन जागृति फाउंडेशन के रामयश मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रताप बहादुर सिंह ने दिया।
