वाराणसी। “कवि जी” नाम से विख्यात अवध बिहारी सिंह का (83वर्ष) का 10 सितंबर को पं दीनदयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय में निधन हो गया। वे पिछले तीन -चार महीने से बीमार चल रहे थे। मणिकर्णिका घाट पर उनका दाह संस्कार हुआ।मुखाग्नि उनके बड़े सुपुत्र मुकेश कुमार ने दी।

कवि जी बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। वह प्रो चंद्रबली सिंह और डा. नामवर सिंह के प्रिय शिष्य थे।प्रो चंद्रबली सिंह के हस्ताक्षर से वह कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने थे।1959 में डा नामवर सिंह के चुनाव प्रचार में जी जान से लगे थे। डा नामवर सिंह यह नहीं भूले थे। आपातकाल के समय वह अध्यक्ष चंद्रशेखर जी के प्रिय हो गए थे। उनपर “अपरार्क “नामक एक वृहद काव्य संग्रह भी रच दिए। चंद्रशेखर जी ने ही उन्हें कवि जी उपनाम दिया था।चंद्रशेखर जी के साथ साथ कवि जी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक की पदयात्रा की थी। आयोजित श्रद्धांजलि सभा में साहित्यकार

डा. राम सुधार सिंह, डा.महेन्द्र प्रताप सिंह,नईम अख्तर,सुरेंद्र वाजपेई,विपिन कुमार,राम गोपाल सिंह,चक्रपाणि मुद्गल,रवि मिश्रा, डा शैलेंद्र कुमार सिंह आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *