रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़ 

 

आजमगढ़।हिंदी दिवस बड़े धूमधाम से वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आजमगढ़ के प्रतिष्ठित कवि,लेखक, रचनाकार, साहित्यकार, विभिन्न सम्मानों से सम्मानित, सेवानिवृत्त हिंदी शिक्षक राजाराम सिंह, स्कूल के संरक्षक अरविंद सिंह, प्रधानाचार्या और हिंदी शिक्षकों के साथ मां सरस्वती की पूजा और दीप प्रज्वलन से हुआ। छात्र-छात्राओं में सृष्टि यादव, प्रतीक सिंह, दृष्टि शर्मा, मानवी राय, रिया, मयूरा, अंशिका सिंह, यशा जावेद, अनुपमा, महद जावेद, गौरव सिंह, कृष्णा तिवारी, रुद्र, अनन्या यादव, रोली, अनुपम और गंगा सिंह ने हिंदी के महत्व पर भाषण, कविताएँ, श्लोक, कबीर के दोहे, नाटक और गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन श्रेया सिंह ने किया।

मुख्य अतिथि राजाराम सिंह ने हिंदी को राजभाषा और मातृभाषा बताते हुए कहा कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जिसमें तमोगुण है और इसकी लिपि का व्यापक महत्व है।

उन्होंने हिंदी के समृद्ध स्वरूप पर प्रकाश डालते हुवे कहा कि मातृ, मातृभूमि और मातृभाषा ये हमारी मूल है हमको हमेशा इसको याद रखना है।

वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के संरक्षक अरविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक और छात्र मिलकर कार्य करें क्योंकि शिक्षा का क्षेत्र सबसे उत्कृष्ट क्षेत्र है। विद्यालय एक ऐसा स्थान है जहाँ हर प्रकार के उत्सव और विशेष दिवस मनाकर छात्रों को प्रेरित किया जाता है और उनका ज्ञानवर्धन किया जाता है।

प्रधानाचार्या डॉली शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

डाली शर्मा ने कहा, “जैसे बिना बिंदी के श्रृंगार अधूरा होता है, वैसे ही बिना हिंदी ज्ञान अधूरा है। हम नई भाषाएँ सीखेंगे, लेकिन अपनी जड़ भाषा हिंदी को कभी नहीं भूलेंगे।

“वेदांता में हमारा विश्वास है कि हम आकाश को छूने का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन हमारे पैर सदा ज़मीन पर रहेंगे।” यह विचार विद्यालय की दृष्टि और मूल्यों को दर्शाता है, जहां नई ऊँचाइयों को छूने की आकांक्षा के साथ-साथ जड़ों और मूलभूत सिद्धांतों को हमेशा सम्मानित करने का संकल्प है।

कार्यक्रम के अन्त में मुख्य अतिथि को प्यार का प्रतीक अंगवस्त्रम व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नीलम चौहान, आरती सिंह, किशन मिश्रा, कुमकुम दुबे, अनीता सिंह,फहीम अहमद, इंद्रजीत साहनी, अनिल कुमार शुक्ला, सुनीता दीक्षित, रीना यादव, बागेश्वर गिरी सहित सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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