“स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मानसिकता का विकास होता है”— कुलपति 

 

 

वाराणसी।साफ-सफाई एक अच्छी आदत है, स्वच्छ पर्यावरण और आदर्श जीवन शैली के लिये हर एक को यह आदत बनानी चाहिये। “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मानसिकता का विकास होता है” इसी के दृष्टिगत देश में स्वच्छता की महती आवश्यकता को देखते हुए हमारे देश के यशस्वी माननीय प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छता अभियान शुरु किया। हमें ये समझना चाहिये कि ये केवल हमारे प्रधानमंत्री जी का कार्य नहीं है, बल्कि समाज में रहने वाले हर इंसान की जिम्मेदारी है। हम सब के स्वस्थ जीवन के लिये इस अभियान में हमें कंधे से कन्धा मिलकर भाग लेना चाहिये। इसकी शुरुआत घरों, स्कूलों, कालेजों, समुदायों, कार्यालयों, संस्थानों से हो जिससे कि देश में व्यापक स्तर पर स्वच्छ भारत क्रांति हो। हमें खुद को, घर, अपने आसपास, समाज, समुदाय, शहर, उद्यान और पर्यावरण आदि को प्रतिदिन स्वच्छ रखने की जरुरत है।हमारे शास्त्रों में स्वच्छता का बहुत महत्व बताया गया है, स्वच्छ वातावरण से स्वच्छ विचार और क्रियाशील होती है।

उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने शुक्रवार को ऐतिहासिक मुख्य भवन के समक्ष स्वच्छता सेवा अभियान का शुभारंभ स्वच्छता शपथ के साथ किया गया।

कुलपति प्रो शर्मा सहित आचार्यों ने झाड़ू लगाकर अभियान का शुभारंभ किया ।

स्वच्छता अभियान में प्रो यशवीर सिंह, प्रो हरिशंकर पाण्डेय, प्रो जितेन्द्र कुमार, प्रो हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो अमित कुमार शुक्ल,प्रो विधु द्विवेदी, प्रो महेंद्र पाण्डेय,प्रो विजय कुमार पाण्डेय, प्रो शैलेश कुमार मिश्र,डॉ पद्माकर,डॉ सत्येन्द्र कुमार, प्रभु नाथ यादव, डॉ विजय कुमार शर्मा,जेई पीयूष पाणि मिश्र,

सुशील कुमार तिवारी, संजय कुमार तिवारी, गोविंद त्रिपाठी, संजय कुमार मिश्र, अजय कुमार पाण्डेय सहित अन्य लोगों ने झाड़ू लगाकर सहभाग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *