
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ संजय कुमार निषाद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मत्स्य विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि मत्स्य पालकों एवं मछुआरों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर उपलब्ध कराया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मत्स्य मंत्री द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष, किसान क्रेडिट कार्ड मत्स्य, मछुआ दुर्घटना बीमा योजना, मत्स्य पालन पट्टा एवं सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम की स्थापना इत्यादि योजनाओं की वृहद स्तर पर समीक्षा की गई। उन्होंने विभागीय परियोजनाओं में मछुआ समुदायों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि उनका सामाजिक एवं आर्थिक विकास कराकर उनको मुख्यधारा में लाया जाए। मंत्री द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत जनपद वर्ष 2020-21 से संचालित सभी बड़ी योजनाओं का सत्यापन कराने का निर्देश दिए गए।किसान क्रेडिट कार्ड मत्स्य योजना में कुल किसान क्रेडिट कार्ड प्रस्ताव को विभिन्न बैंको में प्रेषित कुल 1311 आवेदनों के सापेक्ष मात्र 18 केसीसी प्रस्ताव स्वीकृत करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई एवं जिला प्रशासन से ज्यादा से ज्यादा केसीसी प्रस्ताव स्वीकृत कराकर जरूरतमन्द लोगों को लाभ दिलाए जाने हेतु निर्देशित किया गया। जनपद के सभी तहसीलों में अविकसित तालाबों को मनरेगा योजनान्तर्गत खुदाई कर राजस्व संहिता में दिए गए वरीयता क्रम के अनुसार पात्र लाभार्थियों को आवंटित कराने हेतु तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। मछुआ दुर्घटना बीमा योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजना में अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा मत्स्य विक्रेता, मत्स्य पालक, मत्स्य व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों का बीमा में पंजीकरण कराकर जनप्रतिनिधियों से प्रमाण पत्र वितरित कराए जाए तथा सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम की स्थापना योजना में पुनः पोर्टल खुल रहा है, जिसमें महिला पट्टा धारकों को अधिक से अधिक राजस्व संहिता में दिए गए वरीयता अनुसार आवेदन कराया जाए एवं उनको लाभान्वित कराया जाए। चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सा सहायता में प्रतिपूर्ति का भुगतान हेतु त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश दिए एवं बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के गठन पर जोर देते हुए सभी न्याय पंचायतों में समिति गठन के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को कृषि की भांति विद्युत कनेक्शन की सुविधा मुहैया कराया जाए, जिससे तालाबों में जल आपूर्ति की सुविधा न हो हेतु निर्देशित किया गया। मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना में जरूरतमंद व पात्र के चयन में मुख्य विकास अधिकारी को मानिटरिंग करने हेतु निर्देशित किया। मंत्री द्वारा सुनील कुमार, मत्स्य विकास अधिकारी के राजकीय कार्यों में लापरवाही के प्रति सचेत करते हुए अपनी आदतों में सुधार लाने के लिए सख्त निर्देश दिए एवं नीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक को मत्स्य पालकों के साथ किए जा रहे दुव्यवाहर के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य को निर्देशित किया कि सभी क्षेत्रीय प्रभारी क्षेत्र में रह कर विकास कार्य करे एवं प्रतिदिन की प्रगति की रिपोर्ट प्राप्त करें और काम न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को प्रेषित करे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल, मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेन्द्र कुमार एवं समस्त तहसीलों के क्षेत्रीय प्रहरी के साथ, यू०पी० नेडा सहकारिता विभाग, स्वास्थ्य विभाग मण्डी समिति, जलनिगम, खाद सुरक्षा, विद्युत विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
