वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल (लमही) में प्रतिदिन आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ 1357 दिवस में प्रेमचंद की कहानी दीक्षा का पाठ श्रद्धा चतुर्वेदी ने किया। श्रद्धानन्द ने कहाँ कि प्रेमचंद की कहानी दीक्षा एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर केंद्रित कहानी है, जो शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता को बखूबी दर्शाती है। इस कहानी में एक गरीब परिवार के लड़के, धनिया, की शिक्षा की कहानी है, जो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण अपनी शिक्षा छोड़ने को मजबूर है। धनिया के पिता चाहते हैं कि वह पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ऐसा नहीं होने देती। प्रेमचंद की कहानी के पात्र धनीया शिक्षा की महत्ता और सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता दिखाते है, कैसे गरीब परिवार के बच्चे अपनी शिक्षा छोड़ने को मजबूर होते हैं, जबकि अमीर परिवार के बच्चे अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छी नौकरी प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर यश वर्मा, किशन सिंह, रोहित गुप्ता, राहुल यादव, देव बाबू आदि थे। संयोजन निदेशक राजीव गोंड ने किया।

स्वागत प्रांजल, संचालन आयुषी दूबे व धंन्यवाद ज्ञापन डा मनोज विश्वकर्मा ने किया।

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