
वाराणसी। दक्षिण भारत की सुप्रसिद्ध पीठ विशाखा शारदा पीठम के पीठाधिपति महास्वामी श्री श्री श्री स्वरूपानन्देन्द्र सरस्वती जी महाराज ने काशी मे तीन दिवसीय अध्यात्मिक समागम के सफलतापूर्वक समापन के पश्चात गुरुवार को शारदा पीठम मे सनातन धर्म से भटककर अन्य धर्म -सम्प्रदाय मे जाने वाले 80 परिवारों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुध्दि कराकर सनातन धर्म मे पुनर्वापसी करायी।
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए विशाखा श्री शारदा पीठम के महा प्रबंधक पी किशोर ने बताया ने बताया कि सनातन धर्म मे वापसी करने वाले सभी परिवारों को विशाखापत्तनम से काशी लाकर महास्वामी श्री श्री श्री स्वरूपानन्देन्द्र सरस्वती जी महाराज एवं विशाखा श्री शारदा पीठम के उत्तराधिकारी स्वामी श्री स्वात्मानन्देन्द्र सरस्वती जी महाराज ने गंगा स्नान के पश्चात तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा कर सभी को आशीर्वाद प्रदान किया।
इसके पश्चात सभी लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव , अन्नपूर्णा माता,विशलाक्षी माता का दर्शन पूजन किया। विशाखापत्तनम के मछुआरा परिवार के इन सभी सदस्यों के आने जाने का खर्च महा स्वामीजी ने स्वयं वहन किया।
इस अवसर पर आंध्रा आश्रम के ट्रस्टी वी वी सुन्दर शास्त्री,शारदा पीठम ,वाराणसी के महाप्रबंधक पी किशोर कुमार,प्रबंधक,पी रामकृष्ण,श्रीनिवास,चक्रवर्ती विजय नावड आदि उपस्थित थे।
