
रिपोर्ट:- उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़
आजमगढ़ ।वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में बाल दिवस के उपलक्ष्य में एक शानदार फन फेयर का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि चिराग जैन, आईपीएस, एसपी ग्रामीण क्षेत्र, आजमगढ़ रहे ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि द्वारा मां सरस्वती और पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। बच्चों और अभिभावकों के लिए फन फेयर का आगाज हुआ।
मुख्य अतिथि ने स्कूल में लगे विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया, जो शिक्षकों और छात्रों के सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट प्रदर्शन था। उन्होंने हर स्टॉल पर समय बिताया, शिक्षकों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की, और बच्चों के साथ विभिन्न खेलों का भी आनंद लिया।
उन्होंने ‘हिटिंग द शॉट्स’ और ‘रिंग थ्रो’ जैसे खेलों में भाग लिया और ‘हॉरर हाउस’ का दौरा भी किया, जहां की अद्भुत व्यवस्था ने सभी को रोमांचित कर दिया। विशेष रूप से ‘हेरिटेज कॉर्नर’ ने उन्हें बेहद प्रभावित किया, जहां पारंपरिक संस्कृति और धरोहर का विशेष प्रदर्शनी के रूप में प्रदर्शन किया गया था।
उन्होंने वेदांत इंटरनेशनल स्कूल की सराहना करते हुए कहा कि, यह विद्यालय अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए भी ऊँचाइयों को छूना बखूबी जानता है।
फन फेयर का मुख्य आकर्षण सुपर कूपन रिवार्ड्स रहा, जहां अभिभावकों ने प्रथम व्दितीय तृतीय पुरस्कार हेतु लकी ड्रॉ में शामिल हुए। इन पुरस्कारों की घोषणा ने उपस्थित सभी लोगों में उत्साह भर दिया, एलिजाबा बानो कक्षा 4 अभिभावकों को प्रथम स्थान माज़ शेख कक्षा 2 , श्रेयांश गोंड कक्षा 3 ने पुरस्कार प्राप्त करते समय अपनी खुशी और उत्साह साझा किया।
सबसे अच्छे तीन स्टालों सुप्रिया राय, सुबिया सईद, कुमकुम दुबे को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति और सजावट के लिए प्रमाणपत्र और अहमद एजाज, इंद्रजीत साहनी, आरती सिंह तथा अनिल शुक्ला टोपी भेंट की गई, जबकि सबसे बेहतरीन स्टॉल जोकि कक्षा 10 के विद्यार्थियों तथा अनिल शुक्ला को एक विशेष उपहार दीवार घड़ी से सम्मानित किया गया।
धन्यवाद प्रकाश विद्यालय के प्रबंधक श्री शिव गोविंद सिंह ने किया।
संरक्षक अरविन्द कुमार सिंह और प्राचार्या सुश्री डॉली शर्मा ने उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किए।
सभी शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों और सहायक कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों ने इस आयोजन को एक बड़ी सफलता दिलाई। यह आयोजन ने न केवल बच्चों के लिए एक मनोरंजक और ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान किया, बल्कि विद्यालय की समर्पित टीम ने यह साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयासों से बड़े और सफल आयोजन किए जा सकते हैं।
