रिपोर्ट :- उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़ 

 

 

आजमगढ़। सोशल मीडिया पर प्रसव कक्ष का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें स्वास्थ्य केंद्र पर एक अप्रशिक्षित महिला के द्वारा प्रसूता की डिलीवरी की जा रही है जो जच्चा और बच्चा दोनों के लिए ही जानलेवा साबित हो सकता है। इस तरह से प्रसव कक्ष का वीडियो वायरल होना भी निजता का हनन है। इस सब के बाद स्वास्थ्य विभाग अब सवालों के घेरे में है।

इधर सीएमओ का फर्जी अस्पतालों का अभियान भी फेल जब उन्ही के विभाग में चल रहा है यह खेल।

बता दे कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला वीडियो एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बताया जा रहा है। जिसमें प्रसव करने वाली महिला एक अनट्रेंड आशा कार्यकर्त्री बताई जा रही है। जबकि प्रसव के दौरान मौके पर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिमा राय, सुधा सिंह, सुनीता और सुनीता सहित कुल चारों स्टाफ नर्सों में एक भी मौजूद नहीं है। ऐसे में कही न कही स्वास्थ्य विभाग की बहुत बड़ी लापरवाही साफ झलक रही है। अप्रशिक्षित हाथों द्वारा प्रसव कराने से जच्चा और बच्चा दोनों की मृत्यु हो सकती है। ऐसा बताया जा रहा की इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जितने भी प्रसव होते है वह इसी आशा के द्वारा किए जाते है। इस आशा का नाम पूनम सिंह बताया जा रहा है जो कि मार्टिनगंज स्वास्थ्य केंद्र के सुरहन की है। प्रसव कक्ष का इस तरह से वीडियो वायरल करना भी निजता का हनन है।

 

यह सारा खेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टिनगंज प्रभारी चिकित्सक आत्मा राम के नाक के नीचे हो रहा है। वही जब प्रभारी चिकित्सक आत्माराम से बातचीत की गई तो साहब ने कहा कि उन्हें मालूम ही नहीं कि उनके स्वास्थ्य केंद्र पर आशा द्वारा प्रसव कराया जाता है। इस मामले में जांच के लिए टीमें भी गठित कर दी गई है जांच में जो भी दोषी पाया जायेगा कार्यवाही होगी।

 

इधर जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक कुमार के द्वारा अभियान चलाकर तमाम फर्जी संचालित हो रहे अस्पतालों पर कार्यवाहियां की जा रही है लेकिन शायद उनका ध्यान अपने खुद के विभाग पर ही नहीं जाता या फिर ध्यान देना ही नहीं चाहते। फिलहाल प्रसव कक्ष का वीडियो वायरल होना सीएमओ के कार्य प्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग अब सवालों के घेरे में आ गया है।

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