सीताराम विवाह पंचमी पर आयोजित अखंड संकीर्तन का हुआ समापन

वाराणसी। पद्मभूषण व काशी विद्युत परिषद के अध्यक्ष पंडित वशिष्ठ त्रिपाठी, काशी विद्युत परिषद के महामंत्री पंडित राम नारायण द्विवेदी के सानिध्य में नगवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर में सीताराम विवाह पंचमी के उपलक्ष में राम जी के भक्ति में लीन रहने वाले रामजी के दास बड़े हनुमान जी के चरणों में राम नाम का अखंड संगीतमय संकीर्तन का आयोजन किया गया।

समारोह का शुभारंभ पंडित शुकदेव त्रिपाठी ने बड़े हनुमान जी का पूजन अर्चन व कीर्तन मंडली का माल्यार्पण एवं पूजन करके किया।

अगस्त मुनि महाराज की कीर्तन मंडली द्वारा राम नाम संकीर्तन का शुभारंभ हुआ।

श्री जगन्नाथ जी ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित समारोह एवं ट्रस्टीगण शैलेश त्रिपाठी के संयोजन में पूरे रात राम नाम संकीर्तन मंदिर में चला। शुक्रवार को प्रातः 10 बजे शुरू संगीतमय संकीर्तन का समापन शनिवार को प्रातः 10:00 बजे हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ एवं हवन पूजन से हुआ। इस अवसर पर पद्मभूषण एवं काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित वशिष्ट त्रिपाठी ने कहा कि इस कलयुग में राम नाम से बड़ा कोई मंत्र ही नहीं है। इस मंत्र से हम कलयुग के प्रधान देवता हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं और अगर हनुमान जी प्रसन्न हो गए तो राम जी स्वत प्रसन्न हो जाएंगे क्योंकि हनुमान जी के हृदय में ही पूरा राम परिवार विराजमान रहता है ।कलयुग के देवता हनुमान जी हैं और वह सभी दुख को हरकर अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता भी है।

पंडित राम नारायण द्विवेदी ने कहा कि सीता राम विवाह पंचमी पर प्रतिवर्ष होने वाला यह संगीतमय राम नाम संकीर्तन इस बार भी हुआ और इसमें शामिल होकर बहुत ही आनंद की प्राप्ति हुई और ऐसा लगा कि सीताराम विवाह उत्सव इसी मंदिर परिसर में ही हो रहा है।

इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्री जगन्नाथ जी ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी दीपक शापुरी, आलोक शापुरी भी जुड़े और हनुमान जी के चरणों में अपनी भावांजलि दी। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष एमएलसी बृजेश सिंह, संजीव रे, प्रोफेसर गोपाबंधु मिश्रा, अनिल केडिया, रवि प्रताप सिंह, उत्कर्ष श्रीवास्तव सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों उपस्थित थे ।आए हुए अतिथियों का स्वागत श्री जगन्नाथ जी ट्रस्ट के ट्रस्ट के शैलेश त्रिपाठी ने किया तथा धन्यवाद पंडित शुकदेव त्रिपाठी ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *