
वाराणसी।भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया (स्वयं)- SWAYAM(स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) प्लेटफार्म उच्च शिक्षा को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने का एक प्रयास है। भारत का अपना MOOCs (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स) प्लेटफॉर्म है, जो छात्रों/शिक्षार्थियों को लगभग सभी विषयों पर निःशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इसका उद्देश्य सभी के लिए सर्वोत्तम शिक्षण अधिगम संसाधनों तक पहुँच सुनिश्चित करना है, जिसमें सबसे वंचित लोग भी शामिल हैं। SWAYAM पर दिए जाने वाले पाठ्यक्रमों से सभी को सर्वोत्तम सामग्री तक पहुँच प्रदान करके डिजिटल विभाजन को कम करने की उम्मीद है। ये पाठ्यक्रम देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों द्वारा विकसित किए गए हैं और निःशुल्क उपलब्ध हैं। SWAYAM MOOCs को पारंपरिक शिक्षा के साथ एकीकृत करके आने वाले दिनों में छात्रों के सीखने के परिणामों में सुधार होने की उम्मीद है।
उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में शुक्रवार को योगसाधना केंद्र में SWAYAM (स्वंय)पाठ्यक्रमों के संबंध में विश्वविद्यालय एवं संबंद्ध महाविद्यालयों हेतु आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में
सामाजिक विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष तथा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं संयोजक ने व्यक्त किया।
इस ओरिएंटेशन के संयोजक एवं नोडल अधिकारी प्रो शैलेश कुमार मिश्र ने भौतिक रूप से एवं ऑनलाइन माध्यम से जुड़े आचार्यों, प्राचार्यो एवं संबंधित जनों को बताया कि SWAYAM (स्वयं) भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उद्देश्य देश भर में उच्च शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करना है।
प्रो शैलेश कुमार मिश्र ने बताया कि ऑनलाइन माध्यमों से 100 से अधिक तथा ऑनलाइन दर्ज़नों प्राचार्यो ने सहभागिता किया।
यह प्लेटफार्म अनेकों लाभकारी है, इसके उपयोग से एक नवीन दिशा का मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
SWAYAM की विशेषताएं:–
मुफ्त ऑनलाइन कोर्स: विभिन्न विषयों में ऑनलाइन कोर्स, जिनमें वीडियो व्याख्यान, अध्ययन सामग्री, और असेसमेंट शामिल हैं।
सरकारी और निजी संस्थानों के सहयोग से: आईआईटी, आईआईएम, और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए कोर्स।
विविध विषयों में कोर्स: इंजीनियरिंग, मानविकी, विज्ञान, प्रबंधन, और अन्य विषयों में कोर्स उपलब्ध।
सर्टिफिकेट: कोर्स पूरा करने पर सर्टिफिकेट दिया जाता है।
लचीलापन: अपनी गति से और अपने समय पर कोर्स पूरा कर सकते हैं
उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाना।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुलभता।
लचीलापन और स्वाध्याय की सुविधा।
व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में मदद।
उस दौरान सामाजिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो राजनाथ, डॉ मधुसूदन मिश्र, प्राचार्य डॉ सुरेश उपाध्याय,डॉ रमाकांत पाण्डेय, सहित सौ से अधिक महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने सहभाग किया।
