
वाराणसी।भूमंडलीकरण के दौर में अब खेती के तौर तरीकों में भी काफी बदलाव की आवश्यकता है ऐसे में किसानों को अब खेती की नवीनतम तकनीकों को अपनाकर गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न का उत्पादन करना होगा।किसान रबी मौसम की फसलों की खेती के साथ ही तिलहनी व दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देना होगा।तिलहनी,दलहनी फसलों की खेती से किसान अन्य फसलों की अपेक्षा अधिक लाभ कमा सकते हैं जिससे वे आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे।किसानों को उक्त सलाह सेवापुरी विधायक के प्रतिनिधि राम विलास पटेल ने शुक्रवार को आराजीलाईन विकास खण्ड के परमानंदपुर -साधन सहकारी समिति परिसर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित विकास खण्ड स्तरीय किसान मेला/गोष्ठी में किसानों को दी।
बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने किसानों से जैविक खेती अपनाकर गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न उत्पादन करने की अपील की जिससे मानव स्वास्थ्य के साथ ही मिट्टी की सेहत में भी सुधार हो सके।
आराजीलाईन के ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि डा.महेंद्र सिंह पटेल ने किसानों से आपदा की स्थिति में रबी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों का बीमा कराने की अपील की।
उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह के निर्देशन में कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं “आत्मा योजनान्तर्गत आयोजित किसान मेले में कृषि वैज्ञानिक डा.पीयूष राणा ने कृषि यंत्रीकरण,रबी फसलों की पंक्तियों में बुआई,खरपतवार नियंत्रण एवं कृषि वैज्ञानिक डा.प्रतीक्षा सिंह ने औद्योगिक फसलों की खेती के साथ ही खाद्य प्रसंस्करण के सम्बंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।एसडीओ निरूपा सिंह एवं डीएचओ सुभाष कुमार ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
इस दौरान खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह,राजकुमार पटेल रविंद्र पटेल,संदीप तेवतिया सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन एडीओ कृषि अश्विनी सिंह ने किया।
