
नव रचना कान्वेंट स्कूल का वार्षिकोत्सव – नव सृजन
वाराणसी। “एक राष्ट्र के विकसित होने के लिए बच्चों का शिक्षित होना आवश्यक है बच्चों के अंदर अनंत क्षमताएं हैं इन क्षमताओं को अध्यापक विकसित कर एक समृद्ध राष्ट्र की नींव रख सकता है। एक छात्र/ छात्रा की क्षमता प्रदर्शन का एक सर्वोत्तम सोपान है।” उपरोक्त बातें मुख्य अतिथि डॉ कृष्ण कुमार सिंह ने नव रचना कान्वेंट स्कूल के वार्षिकोत्सव को संबोधित करते हुए शुक्रवार को गिलट बाजार में कहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा दीप प्रज्वल न एवं माल्यार्पण से हुआ। विद्यालय का वार्षिक विवरण प्रतीक सिंह एवं महशर इंतखाब ने पढा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों ने हिंदी ड्रामा, शास्त्रीय नृत्य, नेपाली डांस ,अंग्रेजी ड्रामा एवं लोक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उड़ीसा का लोक नृत्य रहा। यह खुशी का नृत्य है, इस नृत्य की विशेषता है, फुर्तीली नृत्य मुद्राएं तथा हाथों की तीव्र गति। इस नृत्य का परिधान रंगीन तथा आकर्षक होता है। जो दर्शकों को अपनी ओर बरबस खींचता है। अतिथियों का स्वागत विद्यालय की प्रधानाचार्य पल्लवी सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ राम सुधार सिंह ने किया ।कार्यक्रम का संचालन अंकुर प्रताप सिंह एवं अनुसा जेहरा कक्षा आठ ने किया।
इस अवसर पर नरेंद्र नाथ मिश्रा, अशोक आनंद ,मेजर एस आर सिंह, डा प्रकाश उदय, पानमति सिंह, शोभना प्रधान, शक्ति सिंह, डॉ (मेजर)अरविंद कुमार सिंह एवं भारी संख्या में अभिभावक तथा दर्शक उपस्थित रहे।
